भारतीय उद्योग परिसंघ (FICCI) ने एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद लगभग **300** फैमिली ऑफिसों के करीब **30 अरब डॉलर** (लगभग **₹2.5 लाख करोड़**) को भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश करवाना है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (FICCI) ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में प्राइवेट कैपिटल को लाने के लिए एक खास 'फैमिली ऑफिस फोरम' की शुरुआत की है। इस पहल का लक्ष्य भारत में मौजूद लगभग 300 फैमिली ऑफिसों की करीब 30 अरब डॉलर (लगभग ₹2.5 लाख करोड़) की संपत्ति को स्टार्टअप्स में निवेश के लिए एक औपचारिक रास्ता देना है।
प्राइवेट कैपिटल और इनोवेशन को जोड़ना
अभी तक, भारत में कई फैमिली ऑफिसों को अच्छी डील खोजने, बिखरे हुए निवेश के अवसरों को संभालने और हर नए वेंचर के लिए बार-बार ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। FICCI फोरम का मकसद एक संगठित मंच प्रदान करना है, जहां ये ऑफिस स्टार्टअप के अवसर खोज सकें, साथ मिलकर निवेश (Co-investments) कर सकें और टैक्स व रेगुलेटरी मुद्दों पर सीधे पॉलिसी निर्माताओं से बात कर सकें।
FICCI की स्टार्टअप समिति के चेयरमैन और Info Edge के फाउंडर, संजीव बिखचंदानी ने कहा कि फैमिली ऑफिस पारंपरिक वेंचर कैपिटल फर्मों से अलग रणनीति और रेगुलेटरी नियमों के तहत काम करते हैं। जैसे-जैसे भारत में प्राइवेट वेल्थ बढ़ रही है, ये संस्थाएं और भी स्पेशलाइज्ड होती जा रही हैं। यह फोरम एक ऐसा सहयोगी मंच बनेगा जहां ये निवेशक अपने विचार साझा कर सकते हैं और अपने निवेश के तरीकों को बेहतर बना सकते हैं।
स्टार्टअप फंडिंग पर असर
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि देश में काफी प्राइवेट वेल्थ होने के बावजूद, एक व्यवस्थित रास्ते की कमी के कारण यह पूंजी इनोवेशन (Innovation) में कुशलता से प्रवाहित नहीं हो पा रही थी। IDFC FIRST Bank में स्टार्टअप बैंकिंग के हेड, भवेश के. जटानिया ने जोर देकर कहा कि यह प्लेटफॉर्म घरेलू फैमिली वेल्थ और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच एक 'मिसिंग ब्रिज' का काम करेगा।
इस फोरम की ऑपरेशनल योजना में इन्वेस्टमेंट डील्स को क्यूरेट करना, स्टार्टअप्स के लिए डेमो डेज आयोजित करना और ड्यू डिलिजेंस प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना शामिल है। संसाधनों और विशेषज्ञता को पूल करके, यह पहल टैक्स और निवेश नीतियों के संबंध में नियामकों के साथ बातचीत करते समय फैमिली ऑफिसों के लिए एक एकीकृत आवाज का प्रतिनिधित्व करने का भी प्रयास करेगी।
आगे क्या देखना होगा?
स्टार्टअप और प्राइवेट इक्विटी (Private Equity) सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि इस फोरम के माध्यम से वास्तव में कितना पैसा निवेश किया जाता है। जबकि $30 बिलियन फंड की संभावित राशि का प्रतिनिधित्व करता है, इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्लेटफॉर्म कितनी प्रभावी ढंग से उच्च-गुणवत्ता वाले निवेश के अवसर प्रदान कर पाता है और ड्यू डिलिजेंस में लगने वाले समय को कम कर पाता है। निवेशक नीतिगत बदलावों या कर सुधारों पर भविष्य के अपडेट को भी ट्रैक कर सकते हैं, जो सरकार के साथ फोरम की सीधी बातचीत से उभर सकते हैं, क्योंकि ये फैमिली ऑफिसों के शुरुआती दौर के वेंचर्स में दीर्घकालिक पूंजी लगाने की आसानी को प्रभावित कर सकते हैं।
