बेंगलुरु की Even Healthcare, जो सब्सक्रिप्शन-आधारित हेल्थकेयर और इंश्योरेंस मॉडल पर काम करती है, $50 मिलियन (लगभग ₹417 करोड़) का नया फंड जुटाने के लिए बातचीत के अंतिम दौर में है। इस डील से कंपनी का वैल्यूएशन दोगुना होकर $300 मिलियन (लगभग ₹2500 करोड़) तक पहुंच सकता है।
Detailed Coverage
Even Healthcare, बेंगलुरु की एक जानी-मानी हेल्थकेयर और इंश्योरेंस प्रोवाइडर कंपनी, अपनी विस्तार योजनाओं के लिए करीब $50 मिलियन (लगभग ₹417 करोड़) का नया फंड जुटाने जा रही है। इस फंडिंग राउंड के पूरा होने पर, कंपनी का वैल्यूएशन बढ़कर लगभग $300 मिलियन (लगभग ₹2500 करोड़) हो जाएगा। यह पिछले जनवरी में दर्ज किए गए $153 मिलियन (लगभग ₹1275 करोड़) के वैल्यूएशन से काफी ज्यादा है।
निवेशकों का भरोसा
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व मौजूदा निवेशक Khosla Ventures कर सकता है, जो 2021 से कंपनी से जुड़ा हुआ है। Alpha Wave Global, जो एक शुरुआती निवेशक है, के भी इस राउंड में भाग लेने की उम्मीद है। यह नया निवेश मौजूदा बड़े निवेशकों का कंपनी में जारी विश्वास को दर्शाता है। Lightrock, Sharrp Ventures, Rainmatter, और 8VC जैसी अन्य कंपनियां भी पहले से ही Even Healthcare में निवेश कर चुकी हैं।
हाइब्रिड मॉडल और विस्तार की योजना
Even Healthcare एक हाइब्रिड मॉडल पर काम करती है, जिसमें सदस्यों को वर्चुअल और क्लिनिक कंसल्टेशन के साथ-साथ इंश्योरेंस उत्पाद भी मिलते हैं। कंपनी सिर्फ डिजिटल सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी कदम रख रही है। पिछले साल बेंगलुरु में कंपनी ने अपना पहला अस्पताल खोला था और 2026 के अंत तक 4-5 नए अस्पताल खोलने की योजना है। निवेशकों के लिए, कंपनी की क्षमता कि वह अपने अस्पताल नेटवर्क को कुशलतापूर्वक कैसे बढ़ा सकती है और सेवा की गुणवत्ता बनाए रख सकती है, यह एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र है।
वित्तीय स्थिति और मार्केट पोजीशन
वर्तमान में, Even Healthcare बेंगलुरु में 50,000 से 60,000 सक्रिय सदस्यों को सेवा दे रही है, और पूरे भारत में कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत योजनाओं के माध्यम से 300,000 से अधिक मरीजों तक पहुंच रखती है। कंपनी अभी विस्तार के शुरुआती चरण में है और इस दौरान कैश बर्न (Cash Burn) की स्थिति सामान्य है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, कंपनी ने ₹27 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि ₹90 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, रेवेन्यू ₹120-130 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
जैसे-जैसे कंपनी अपने अस्पतालों का विस्तार कर रही है, निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या यह मुनाफे की ओर एक स्पष्ट मार्ग हासिल कर पाती है। एक सबस्क्रिप्शन-आधारित डिजिटल हेल्थ मॉडल से एक एसेट-हैवी (Asset-heavy) अस्पताल प्रदाता बनने में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) शामिल हैं, जिसमें उच्च पूंजीगत आवश्यकताएं और भारत के हेल्थकेयर सर्विसेज मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा शामिल है। नियोजित अस्पतालों के लॉन्च की प्रगति और कंपनी की बढ़ती परिचालन लागतों को प्रबंधित करने की क्षमता भविष्य में महत्वपूर्ण कारक होंगे।
