OpenAI के पूर्व रिसर्चर श्यामली अनादकत का नया स्टार्टअप Empirical Machines अब वैज्ञानिक खोजों में तेजी लाने के लिए **$15 मिलियन** की फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। यह एक प्राइवेट कंपनी है और फिलहाल शेयर बाजार में उपलब्ध नहीं है।
फंडिंग और वैल्यूएशन का गणित
पूर्व OpenAI रिसर्चर श्यामली अनादकत द्वारा शुरू की गई कंपनी Empirical Machines अब अपने अगले पड़ाव पर है। स्टार्टअप $15 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो कंपनी की वैल्यूएशन $80 मिलियन तक पहुंच सकती है। चर्चा है कि Peak XV Partners और Bessemer Venture Partners जैसे दिग्गज निवेशक इसमें रुचि दिखा रहे हैं।
क्या है कंपनी का मकसद?
ज्यादातर AI स्टार्टअप्स जहां चैटबॉट्स और कंटेंट क्रिएशन में लगे हैं, वहीं Empirical Machines का फोकस वैज्ञानिक खोजों (Scientific Discovery) पर है। कंपनी AI मॉडल्स का उपयोग करके जटिल रासायनिक यौगिकों (Chemical Compounds) का विश्लेषण करेगी ताकि नई खोजों की प्रक्रिया तेज हो सके। टीम में Google DeepMind, OpenAI और Sarvam AI जैसे संस्थानों में काम कर चुके अनुभवी एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
रिटेल निवेशकों के लिए जरूरी बात
याद रखें, Empirical Machines अभी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह National Stock Exchange (NSE) या Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए रिटेल निवेशक इसमें शेयर नहीं खरीद सकते। यह पूरी तरह से एक संस्थागत प्राइवेट इक्विटी ट्रांजैक्शन है।
सेक्टर के चुनौतियां और रिस्क
भारतीय AI सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है, लेकिन यह सेक्टर जोखिम भरा भी है। इसमें GPU और भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, जिसका खर्च बहुत अधिक है। कंपनी के सामने मुख्य चुनौती AI से मिलने वाली जानकारी को असल दुनिया की वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं के नतीजों से जोड़ना है। लंबी सफलता के लिए कंपनी को अपना कैश फ्लो और इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च बेहद सावधानी से मैनेज करना होगा।
