लग्जरी होम मैनेजमेंट कंपनी ELIVAAS अपने कारोबार को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी का लक्ष्य साल **2026** के अंत तक अपने पोर्टफोलियो को **1,200** विला तक ले जाने का है। फिलहाल कंपनी **670** प्रॉपर्टीज मैनेज कर रही है और **₹200 करोड़** का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट दर्ज कर रही है।
एसेट-लाइट मॉडल पर जोर
ELIVAAS एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म की तरह काम करती है, जो पारंपरिक होटल चेन से बिल्कुल अलग है। यह कंपनी खुद प्रॉपर्टी नहीं खरीदती, बल्कि हॉलिडे होम की मार्केटिंग, गेस्ट बुकिंग, मेंटेनेंस और ऑन-साइट गेस्ट रिलेशंस जैसे सभी काम संभालती है। इस मॉडल के जरिए प्रॉपर्टी ओनर्स अपने सेकंड होम से कमाई कर पाते हैं और मैनेजमेंट का सारा भार प्रोफेशनल टीम पर होता है।
इन्वेस्टर्स का भरोसा
कंपनी ने अब तक करीब $1.5 करोड़ (15 मिलियन डॉलर) की फंडिंग जुटाई है। इसमें Peak XV Partners, Vertex Ventures Southeast Asia and India और 3one4 Capital जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह पूंजी कंपनी के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और प्रमुख टूरिस्ट हब में अपनी मौजूदगी दर्ज करने में लगाई गई है।
चुनौतियां और रिस्क फैक्टर
भले ही कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रॉपर्टीज को मैनेज करना आसान नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती हर लोकेशन पर 'सर्विस क्वालिटी' को एक समान बनाए रखने की है। इसके अलावा, लग्जरी ट्रैवल का मार्केट मैक्रो-इकोनॉमिक हालातों पर निर्भर करता है। अगर कंज्यूमर स्पेंडिंग में कमी आती है, तो इसका सीधा असर प्रीमियम रेंटल्स की डिमांड पर पड़ सकता है।
चूंकि ELIVAAS अभी एक प्राइवेट स्टार्टअप है और NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए आम निवेशक इसमें सीधे ट्रेड नहीं कर सकते। फिलहाल, मार्केट पर नजर रखने वालों के लिए आगामी फंडिंग राउंड और कंपनी की सर्विस क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता ही मुख्य ट्रैक करने वाले फैक्टर्स होंगे।
