टेक्सास की इन्वेस्टमेंट फर्म Disruptive ने **$10 बिलियन** का अब तक का अपना सबसे बड़ा फंड जुटाया है। कंपनी अब 'डील-बाय-डील' मॉडल छोड़कर 'ब्लाइंड पूल' स्ट्रक्चर अपना रही है, जो उसे AI और डिफेंस सेक्टर में तेजी से निवेश करने की आजादी देगा।
क्या है नया इन्वेस्टमेंट मॉडल?
डलास स्थित इन्वेस्टमेंट फर्म Disruptive ने टेक्सास के इतिहास की सबसे बड़ी वेंचर कैपिटल जुटाकर मार्केट में हलचल मचा दी है। फर्म अब अपनी पुरानी कार्यशैली से हटकर 'ब्लाइंड पूल' (Blind Pool) स्ट्रक्चर पर शिफ्ट हो रही है। इस बदलाव का सीधा मतलब यह है कि अब निवेशक पहले से किसी कंपनी को सिलेक्ट नहीं करेंगे, बल्कि वे फंड में पैसा लगाएंगे और कंपनी को निवेश के लिए पूरी छूट होगी।
बड़े चेक और नई रणनीति
इस नए स्ट्रक्चर के साथ, Disruptive अब प्रति कंपनी $1 बिलियन तक का निवेश करने में सक्षम होगी। फर्म का मुख्य फोकस अब लेट-स्टेज स्टार्टअप्स (Late-stage Startups) पर है, जिन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए भारी कैश की जरूरत होती है। AI और डिफेंस जैसे कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर में पकड़ बनाने के लिए यह फंड काफी मददगार साबित हो सकता है। आपको बता दें कि Disruptive का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड Palantir, Airbnb और Spotify जैसी दिग्गज कंपनियों में निवेश का रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
हालांकि, यह बदलाव रिस्क फ्री नहीं है। 'ब्लाइंड पूल' मॉडल में निवेशकों के पास अब यह अधिकार नहीं होगा कि वे हर डील को खुद अप्रूव या रिजेक्ट कर सकें। इसके अलावा, AI और डिफेंस में निवेश काफी हद तक सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और टेक्नोलॉजी की स्केलेबिलिटी पर निर्भर करता है। अगर ये सेक्टर्स उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते, तो फंड के रिटर्न पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी किस वैल्यूएशन पर इन बड़े सौदों को अंजाम देती है, क्योंकि ऊंचे दाम पर लेट-स्टेज निवेश करना एक बड़ा रिस्क भी हो सकता है।
