Zomato के फाउंडर Deepinder Goyal के हेल्थ-टेक स्टार्टअप Temple ने लंदन की लॉन्गेविटी फर्म Longevous को खरीद लिया है। इस डील का मकसद कंपनी के आगामी वियरेबल डिवाइस के लिए क्लिनिकल विशेषज्ञता जुटाना और **2026** तक इसे मार्केट में उतारने की तैयारी करना है।
इस अधिग्रहण के जरिए Temple अपनी टेक्नोलॉजी की क्लिनिकल साख को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। डील के तहत, Longevous के फाउंडर्स डॉ. रॉबर्ट मोह और डॉ. एवी रॉय अब पूर्णकालिक रूप से Temple के साथ जुड़ेंगे। ये विशेषज्ञ कंपनी के प्रोप्राइटरी हेल्थ मेट्रिक 'Entropy' की वैज्ञानिक वैधता सुनिश्चित करने का काम संभालेंगे।
अनोखा वियरेबल डिवाइस
Temple का अपकमिंग डिवाइस आम रिस्ट-बैंड (Wrist-worn) से बिल्कुल अलग है। इसे माथे (Forehead) पर पहनने के लिए डिजाइन किया गया है, जो सेरेब्रल ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन लेवल पर नजर रखता है। कंपनी का दावा है कि माथे पर होने की वजह से यह मेटाबॉलिक स्टेट्स को कहीं ज्यादा सटीकता से ट्रैक करता है।
फंडिंग और मार्केट पोजिशनिंग
यह ध्यान रखना जरूरी है कि Temple एक प्राइवेट स्टार्टअप है और Zomato से पूरी तरह अलग है। कंपनी अब तक $54 मिलियन की फंडिंग जुटा चुकी है और इसके $500 मिलियन के वैल्यूएशन पर नए राउंड की चर्चा है। साल 2026 के अंत में लॉन्च होने वाले इस प्रीमियम डिवाइस की कीमत ₹75,000 से ₹80,000 के बीच रहने की उम्मीद है, जिसमें लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी शामिल होगा।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि कंपनी कमर्शियल लॉन्च की तरफ बढ़ रही है, लेकिन राह आसान नहीं है। अभी तक कंपनी के पास मेडिकल डिवाइस सर्टिफिकेशन नहीं है, जिससे इसके दावों पर कानूनी बंदिशें हैं। इसके अलावा, वैज्ञानिक समुदाय ने 'Entropy' मेट्रिक की उपयोगिता पर सवाल उठाए हैं। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या कंपनी लॉन्च से पहले रेगुलेटरी अप्रूवल ले पाती है या नहीं।
