AI की क्वालिटी में सुधार के लिए बड़ा निवेश
Deccan AI, जो AI के फील्ड में खास तौर पर पोस्ट-ट्रेनिंग डेटा और इवैल्यूएशन का काम करती है, ने 25 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग हासिल की है। A91 Partners के नेतृत्व वाले इस निवेश से कंपनी अपने ऑपरेशंस को और मजबूत करेगी, जो काफी हद तक भारत में मौजूद कुशल वर्कफोर्स पर निर्भर करता है।
कंपनी AI मॉडल्स की एक्यूरेसी (सटीकता) को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह उन कॉम्प्लेक्स कामों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जैसे कोडिंग में सुधार, एजेंट्स की क्षमताएं बढ़ाना और रोबोटिक्स व विजन सिस्टम्स के लिए "वर्ल्ड मॉडल" विकसित करना। इस फंडिंग से यह साफ होता है कि स्पेशलाइज्ड AI सर्विसेज की मांग बढ़ रही है और भारत इस क्षेत्र में एक अहम टैलेंट हब के रूप में उभर रहा है।
भारत बनेगा AI क्वालिटी का हब?
Deccan AI के फाउंडर Rukesh Reddy ने बताया कि कंपनी ने जानबूझकर अपने एक मिलियन से ज़्यादा लोगों के कंट्रीब्यूटर नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा भारत में ही रखा है। उनका मानना है कि एक ही देश, जैसे भारत, से काम करने से क्वालिटी मैनेजमेंट आसान हो जाता है और जटिल पोस्ट-ट्रेनिंग कामों के लिए हाई स्टैंडर्ड्स बनाए रखने में मदद मिलती है। यह स्ट्रेटेजी भारत को स्पेशलाइज्ड AI टैलेंट और ट्रेनिंग डेटा का एक प्रमुख सप्लायर बनाती है।
किन कंपनियों से है मुकाबला?
AI ट्रेनिंग सर्विसेज के तेज़ी से बढ़ते बाज़ार में Deccan AI का मुकाबला Scale AI और Surge AI जैसी कंपनियों से है। Surge AI ने हाल ही में 10 मिलियन डॉलर जुटाए थे। इसके अलावा, Turing और Mercor जैसी कंपनियां भी डेटा लेबलिंग और इवैल्यूएशन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। Deccan AI की खासियत यह है कि यह शुरुआत से ही "GenAI" सर्विसेज़ पर फोकस कर रही है और पारंपरिक कंप्यूटर विजन जैसे कामों के बजाय हाई-स्किल वर्क को प्राथमिकता दे रही है। पिछले एक साल में कंपनी की ग्रोथ 10 गुना रही है और इसका रेवेन्यू डबल-डिजिट मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।