डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने स्टार्टअप्स को तकनीकी और मेंटरशिप सपोर्ट देने के लिए PhonePe और Shell India के साथ हाथ मिलाया है। इन साझेदारियों का मकसद शुरुआती चरण की कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए डिजिटल टूल्स और इंडस्ट्री-स्पेशफिक गाइडेंस देना है। चूँकि PhonePe एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए ये डेवलपमेंट भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम में बड़े कॉर्पोरेट जुड़ाव का संकेत देते हैं।
DPIIT और PhonePe की नई डील
19 अगस्त, 2026 को, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe और एनर्जी सेक्टर की दिग्गज Shell India के साथ औपचारिक समझौते किए हैं। इन पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को ऐसे टूल्स और नेटवर्क्स तक पहुंच दिलाना है, जो शुरुआती दौर की कंपनियों के लिए अकेले हासिल करना अक्सर मुश्किल होता है।
PhonePe के साथ हुए इस सहयोग के तहत, योग्य स्टार्टअप्स को कंपनी के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक्सेस मिलेगा। इसमें उनके पेमेंट गेटवे के लिए ट्रांजेक्शन क्रेडिट्स शामिल हैं, जो नई कंपनियों को शुरुआती ऑपरेशनल खर्चों को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स को ऑनबोर्डिंग सपोर्ट और Indus AppStore का एक्सेस भी मिलेगा, जिसका मकसद उन्हें ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक कुशलता से पहुंचाना है। ये रिसोर्सेस नई कंपनियों के लिए डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रयास का हिस्सा हैं।
Shell India के साथ एनर्जी और क्लाइमेट-टेक पर फोकस
Shell India के साथ हुआ समझौता अर्थव्यवस्था के एक अलग सेगमेंट को टारगेट करता है, खासकर एनर्जी और क्लाइमेट-टेक्नोलॉजी सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करते हुए। Shell, Shell E4 Smart Energy Track के जरिए मेंटरशिप प्रदान करेगा और स्टार्टअप्स को इनक्यूबेटर्स से जोड़ेगा। इस पहल का मकसद शुरुआती इनोवेशन और व्यावसायिक व्यवहार्यता के बीच की खाई को पाटना है, जिससे क्लीन एनर्जी समाधान विकसित करने वालों को मार्गदर्शन मिल सके।
मार्केट ऑब्जर्वर के लिए अहम जानकारी
ये पार्टनरशिप सरकार की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य प्राइवेट इंडस्ट्री की विशेषज्ञता को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ना है। यह सरकार द्वारा Cashfree Payments और Vultr India जैसी अन्य संस्थाओं के साथ हाल ही में किए गए समान सहयोगों के अनुरूप है। निवेशकों के लिए, ये एमओयू स्टार्टअप्स की ग्रोथ को तेज करने में बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि PhonePe एक प्राइवेट कंपनी है और किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इन पार्टनरशिप का पब्लिक मार्केट के स्टॉक प्राइस पर कोई सीधा या तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता है। फिनटेक और एनर्जी सेक्टर को ट्रैक करने वाले निवेशकों को इसके बजाय इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि ये सहयोग डिजिटल पेमेंट्स को अपनाने और क्लाइमेट-टेक की नई एंट्रीज की सफलता दर को कैसे प्रभावित करते हैं। इन प्रोग्राम्स में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स के लिए मुख्य जोखिम फिनटेक सेक्टर में उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा और एनर्जी व क्लाइमेट स्पेस में नई फर्मों द्वारा सामना की जाने वाली जटिल रेगुलेटरी आवश्यकताएं बनी हुई हैं।
