विस्तार की नई रणनीति: फ्रेंचाइजी पर फोकस
Cult.fit ने अपने विस्तार की रफ्तार बढ़ाने के लिए अब फ्रेंचाइजी मॉडल को अपना मुख्य हथियार बनाया है। कंपनी ₹2,500 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है और इसी के मद्देनज़र, अपने बिज़नेस को 'कैपिटल-लाइट' बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। करीब 700 से ज़्यादा सेंटरों में से 400 के करीब पहले से ही फ्रेंचाइजी द्वारा चलाए जा रहे हैं। यह रणनीति कंपनी को तेज़ी से भारत के विशाल, लेकिन अभी भी कम पहुंचे (underpenetrated) फिटनेस बाज़ार में पैठ बनाने में मदद करेगी।
'Cult Neo' से हर वर्ग तक पहुंच
कंपनी ने 'Cult Neo' नाम से एक नया, कम कीमत वाला जिम-ओनली फॉर्मेट भी लॉन्च किया है, जो 40 लोकेशन पर पहले से ही सक्रिय है। इसका लक्ष्य Planet Fitness जैसे ग्लोबल मॉडलों की तरह हाई कस्टमर वॉल्यूम को आकर्षित करना है। यह कदम कंपनी को सस्ते फिटनेस विकल्पों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा।
बाज़ार का बढ़ता विस्तार और चुनौतियां
भारत का फिटनेस बाज़ार काफी बड़ा है और 2030 तक इसके दोगुना होने का अनुमान है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और आय में वृद्धि के कारण इसमें ज़बरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है। FY25 में Cult.fit ने 31% की शानदार ग्रोथ के साथ ₹1,216 करोड़ का ऑपरेटिंग रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, Anytime Fitness जैसे प्रतिद्वंद्वी भी फ्रेंचाइजी नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार कर रहे हैं, जिससे बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।
मुनाफे की राह और निवेशक
कंपनी ने रेवेन्यू में बढ़ोतरी और घाटे को ₹481 करोड़ तक कम करने में सफलता पाई है। लेकिन, निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता टिकाऊ मुनाफ़ा (Profitability) कमाना है। FY25 में कंपनी का EBITDA मार्जिन -15.54% और ROCE -24.02% रहा। इतने बड़े फ्रेंचाइजी नेटवर्क में ब्रांड की एकरूपता और क्वालिटी बनाए रखना एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती साबित हो सकती है, खासकर 'Cult Neo' जैसे बजट फॉर्मेट के साथ।
IPO वैल्यूएशन का भविष्य
Cult.fit $2 बिलियन के आसपास वैल्यूएशन पर IPO लाने की योजना बना रही है। ऐसे में, बाज़ार की नज़रे सिर्फ़ कंपनी के नेटवर्क के विस्तार पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी होंगी कि वह कैसे लगातार मुनाफ़ा कमाती है और प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी पकड़ मज़बूत करती है।
