पुणे स्थित हेल्थटेक स्टार्टअप Clinics On Cloud ने अपना पहला बड़ा संस्थागत फंडिंग राउंड पूरा कर लिया है। Model42 के नेतृत्व में जुटाई गई इस **₹120 करोड़** की पूंजी से कंपनी अपने 'हेल्थ ATM' के कारोबार को ग्लोबल स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।
फंडिंग और कंपनी का सफर
पुणे की हेल्थटेक कंपनी Clinics On Cloud ने अपना पहला बड़ा फंड जुटाकर इतिहास रच दिया है। दुबई स्थित प्लेटफॉर्म Model42 के नेतृत्व में कंपनी ने सीरीज-A फंडिंग के जरिए ₹120 करोड़ हासिल किए हैं, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यूएशन ₹600 करोड़ हो गई है। खास बात यह है कि कंपनी पिछले 8 साल से बिना किसी बाहरी फंडिंग के अपना कामकाज संभाल रही थी, लेकिन अब तेजी से स्केल करने के लिए उन्होंने पहली बार इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर का साथ लिया है।
क्या है Clinics On Cloud का बिजनेस मॉडल?
यह कंपनी 'हेल्थ ATM' बनाने में माहिर है—ये ऑटोमेटेड मेडिकल कियोस्क होते हैं, जहां मरीज बिना किसी डॉक्टर की मदद के 65 से ज्यादा हेल्थ पैरामीटर्स (जैसे दिल और फेफड़ों की जांच) की स्क्रीनिंग कर सकते हैं। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चाकन में है और अब तक वे 8 देशों में 3,500 से ज्यादा यूनिट्स लगा चुके हैं। टाटा पावर, रिलायंस और गोदरेज जैसे बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप्स भी इनके ग्राहकों में शामिल हैं, जो अपने कर्मचारियों के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं।
भविष्य की योजनाएं और एआई (AI) का रोल
इस नई पूंजी का इस्तेमाल तीन मुख्य लक्ष्यों के लिए किया जाएगा: मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना, एआई-आधारित डायग्नोस्टिक तकनीक को अपग्रेड करना और ग्लोबल मार्केट में विस्तार। कंपनी यूएई (UAE) में एक हब खोलने की तैयारी कर रही है ताकि अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के बाजारों को मैनेज किया जा सके।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
हालांकि कंपनी ने अब तक 1.2 करोड़ से अधिक हेल्थ स्क्रीनिंग पूरी की हैं, लेकिन हेल्थटेक सेक्टर में रिस्क भी कम नहीं हैं। यह एक हार्डवेयर-आधारित मॉडल है, जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाने और बनाए रखने के लिए लगातार भारी निवेश की जरूरत पड़ती है, जो किसी सॉफ्टवेयर कंपनी के मुकाबले अधिक चुनौतीपूर्ण है। साथ ही, अलग-अलग देशों के मेडिकल रेगुलेशन और कड़ी प्रतिस्पर्धा भी कंपनी के सामने बड़ी चुनौतियां होंगी।
नोट: Clinics On Cloud एक प्राइवेट कंपनी है और फिलहाल शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इसका प्रभाव शेयर कीमतों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन स्टार्टअप इकोसिस्टम में इस पर नजर रखना जरूरी है।
