क्लीन एनर्जी फाइनेंसिंग स्टार्टअप Two Point O Capital ने अपनी सीरीज A फंडिंग राउंड में **$1 करोड़** जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व Transition Venture Capital ने किया है, जो कंपनी के एसेट-लाइट मॉडल को और मजबूती देगा।
विस्तार और रणनीति
Two Point O Capital के लिए यह फंडिंग एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे पहले 2024 में कंपनी ने $63 लाख की सीड फंडिंग जुटाई थी। इस नए निवेश में Transition Venture Capital के साथ-साथ पुराने निवेशक Omnivore और अन्य एंजेल इन्वेस्टर्स भी शामिल रहे।
कैसे काम करता है यह मॉडल?
भारत में कई फैक्ट्रियां और बड़े इंडस्ट्रियल प्लांट्स क्लीन एनर्जी तो अपनाना चाहते हैं, लेकिन भारी-भरकम शुरुआती निवेश (Upfront cost) उनके लिए एक बड़ी चुनौती होता है। Two Point O यहां एक फाइनेंसर की भूमिका निभाती है। कंपनी अपनी NBFC सब्सिडियरी के जरिए फंडिंग मैनेज करती है, जिससे उन्हें बड़े वेयरहाउस या भारी मशीनरी रखने की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी फार्मास्युटिकल, ऑटोमोटिव और डेटा सेंटर्स जैसे एनर्जी-इंटेंसिव सेक्टर पर अपना फोकस बनाए हुए है। खास बात यह है कि कंपनी का AI-ड्रिवन प्लेटफॉर्म 48 घंटे के भीतर प्रोजेक्ट्स का वित्तीय आकलन कर लेता है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हालांकि कंपनी का बिजनेस मॉडल काफी इनोवेटिव है, लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। चूंकि कंपनी इंस्टॉलेशन के लिए थर्ड-पार्टी EPC पार्टनर्स पर निर्भर है, इसलिए काम में देरी या क्वालिटी से जुड़ी कोई भी चूक कंपनी की साख पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, क्रेडिट रिस्क सबसे बड़ा है—कंपनी की सफलता पूरी तरह से उन औद्योगिक ग्राहकों की सॉल्वेंसी पर टिकी है जिन्हें वे फाइनेंसिंग दे रहे हैं। भविष्य में सरकार की नीतियों में बदलाव या बैटरी-सोलर पैनल्स के कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी इनके कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनी अब इस फंडिंग का उपयोग बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) मार्केट में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी।
