बाजार में AI कंपनियों के $100 मिलियन से ऊपर के 'मेगा-राउंड' की धूम मची हुई है, जहाँ 2025 में VC डील वैल्यू का 64% हिस्सा AI में ही गया है। ऐसे में, Stacy Brown-Philpot की Cherryrock Capital एक अलग रास्ता चुन रही है। जनवरी 2025 में क्लोज हुए अपने $172 मिलियन के पहले फंड (Fund I) के साथ, फर्म जानबूझकर उन सॉफ्टवेयर कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो सीरीज A और B स्टेज पर हैं और जिन्हें 'कम निवेशित' (underinvested) माना जाता है। इसका मकसद उन छिपी हुई ग्रोथ-स्टेज वाली कंपनियों को ढूंढना है जो सिलिकॉन वैली के बड़े फंड्स की दौड़ में शामिल नहीं हैं। इस अनोखी स्ट्रैटेजी में JPMorgan Asset Management, Goldman Sachs Asset Management, MassMutual और Pivotal Ventures जैसे बड़े नाम भी पैसे लगा रहे हैं।
2025 और 2026 के VC मार्केट में एक तरह का बंटवारा दिख रहा है: एक तरफ AI कंपनियों के बड़े राउंड, तो दूसरी तरफ पारंपरिक डील्स के लिए मुश्किल होती मार्केट। जहां 2025 में एवरेज VC डील साइज करीब $20.14 मिलियन रहा, वहीं Cherryrock अपनी सीरीज A और B स्टेज की कंपनियों में $6-10 मिलियन के छोटे, केंद्रित चेक से गहराई से जुड़ने का इरादा रखती है। फर्म ने अपनी स्ट्रैटेजी के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण निवेश भी किए हैं। उन्होंने AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर Coactive AI के $30 मिलियन के सीरीज B राउंड को Emerson Collective के साथ लीड किया। साथ ही, Vitable Health, जो कम आय वाले कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने पर काम करती है, के $16 मिलियन के सीरीज A राउंड का नेतृत्व भी Cherryrock ने ही किया। यह दिखाता है कि फर्म उन कंपनियों को सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है जो महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान करती हैं, भले ही वे सबसे ज्यादा फंडेड AI कैटेगरी में न हों। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि 2025 की शुरुआत में AI डील्स का एवरेज चेक साइज $26.7 मिलियन था, जो दूसरे इंडस्ट्रीज के $4.6 मिलियन के मुकाबले काफी ज्यादा है।
Cherryrock Capital का 'कम निवेशित फाउंडर्स' पर जोर इसे कैलिफोर्निया के नए डायवर्सिटी रिपोर्टिंग लॉ के लिए भी फायदेमंद स्थिति में रखता है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इस कानून के तहत VC फर्मों को अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों के फाउंडिंग टीमों के जनसांख्यिकीय (demographic) डेटा की रिपोर्ट करनी होगी। चूंकि Cherryrock पहले से ही विविध फाउंडर्स में निवेश को प्राथमिकता देती है और ट्रैक करती है, इसलिए यह कंप्लायंस (compliance) उसके लिए एक छिपा हुआ फायदा साबित होगा। फर्म की फाउंडर, Stacy Brown-Philpot, का नजरिया काफी व्यावहारिक है। वह मानती हैं कि 'ज़्यादातर कंपनियां पब्लिक नहीं होतीं, वे एक्वायर (acquire) हो जाती हैं' - जो IPO पर टिकी रहने वाली इंडस्ट्री में एक यथार्थवादी सोच है।
हालांकि Cherryrock की केंद्रित स्ट्रैटेजी एक अलग फायदा देती है, लेकिन इसमें जोखिम भी हैं। फर्म का पोर्टफोलियो 12-15 निवेशों तक सीमित रहेगा, जिसका मतलब है कि कुछ कंपनियों के खराब प्रदर्शन का फंड रिटर्न पर बड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही, धीमी निवेश गति का मतलब यह भी हो सकता है कि AI जैसे तेजी से बदलते सेक्टर में उभरते अवसरों को गंवाने का खतरा रहे, जहाँ वैल्यूएशन तेजी से बढ़ सकती है। 'कम निवेशित' फाउंडर्स को टारगेट करने की रणनीति, जबकि यह रणनीतिक है, वहीं यह भी दर्शाती है कि इन कंपनियों को बड़े फंड्स की पाइपलाइन में मौजूद कंपनियों की तुलना में स्केल करने या तेजी से प्रोडक्ट-मार्केट फिट हासिल करने में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मार्केट का यह बंटवारा, जहाँ AI में मेगा-राउंड्स हावी हैं और मिड-मार्केट डील्स सिकुड़ रही हैं, Cherryrock की पोर्टफोलियो कंपनियों के लिए बाद के स्टेज के ग्रोथ कैपिटल जुटाने में भी मुश्किलें पैदा कर सकता है, खासकर यदि वे हाई-ग्रोथ AI नैरेटिव में फिट न हों।
2026 के लिए Stacy Brown-Philpot की प्राथमिकता उन सीरीज A और B कंपनियों में सक्रिय रूप से पूंजी निवेश करना है जिन्होंने प्रोडक्ट-मार्केट फिट दिखाया है। उनकी रणनीति इस विश्वास पर आधारित है कि 'अनदेखी और कम आंकी गई टीमें अभूतपूर्व गति से कंपनियां बना रही हैं' और पूंजी व रणनीतिक विशेषज्ञता तक पहुंच महत्वपूर्ण मूल्य अनलॉक कर सकती है। अपनी अनुशासित, विशिष्ट निवेश थीसिस का पालन करके, Cherryrock Capital सॉफ्टवेयर मार्केट के पारंपरिक रूप से कम सेवा वाले सेगमेंट में ग्रोथ-स्टेज की अगली पीढ़ी की कंपनियों की पहचान करके और उन्हें पोषित करके अपने सीमित पार्टनर्स (LPs) के लिए बाजार से बेहतर रिटर्न उत्पन्न करने का लक्ष्य रखती है।