Campus Fund का नया दांव: स्टूडेंट-स्टार्टअप्स के लिए जुटाए **$100 मिलियन**, डीप-टेक पर बढ़ा फोकस

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AuthorAditya Rao|Published at:
Campus Fund का नया दांव: स्टूडेंट-स्टार्टअप्स के लिए जुटाए **$100 मिलियन**, डीप-टेक पर बढ़ा फोकस

Campus Fund ने अपने तीसरे फंड के लिए **$100 मिलियन** जुटाने की तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी अब कंज्यूमर ऐप्स के बजाय डीप-टेक, स्पेस-टेक और क्लाइमेट-टेक जैसे भविष्य के सेक्टर्स में निवेश पर जोर दे रही है।

कैंपस से स्टार्टअप तक का सफर

SEBI-रजिस्टर्ड कैटेगरी II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड, Campus Fund अब अपने तीसरे इन्वेस्टमेंट व्हीकल को अंतिम रूप दे रहा है। यह $100 मिलियन का फंड उन स्टूडेंट-लीड स्टार्टअप्स को सपोर्ट करेगा जो कॉलेज कैंपस से निकलते हैं। फर्म का 100 से ज्यादा स्टूडेंट स्काउट्स का नेटवर्क पूरे देश के विश्वविद्यालयों में फैला है, जो प्रोटोटाइप स्टेज पर ही होनहार आइडियाज को पहचान लेते हैं।

क्यों बदल रहा है निवेश का रुख?

पहले जहां इन फंड्स का फोकस केवल कंज्यूमर-फेसिंग ऐप्स पर था, वहीं अब रुझान पूरी तरह से बदल गया है। अब Deep-tech, Space-tech और Climate-tech जैसे जटिल और भविष्यवादी क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है। इसका मकसद ऐसी 'प्री-सीड' (Pre-seed) कंपनियों को चुनना है, जो सिर्फ सॉफ्टवेयर लेयर न बनाकर बुनियादी टेक्नोलॉजी तैयार कर रही हों। इस दौड़ में Antler India, Kae Capital और 3one4 Capital जैसी बड़ी फर्में भी शामिल हैं।

जोखिम और लिक्विडिटी का गणित

निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स में निवेश बहुत अधिक जोखिम भरा होता है। यहां सफलता दर कम है और स्टार्टअप्स के पास अक्सर 'प्रोडक्ट-मार्केट फिट' (Product-market fit) की कमी होती है। साथ ही, यह पब्लिक मार्केट की तरह नहीं है—यहां आपका पैसा कई सालों के लिए लॉक हो जाता है। एग्जिट (Exit) के मौके बहुत दुर्लभ होते हैं और ये पूरी तरह स्टार्टअप की भविष्य की फंडिंग राउंड्स पर निर्भर करते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है मुख्य मॉनिटर?

इस तरह के फंड्स की असल कामयाबी इस बात में है कि वे कितनी कंपनियों को Series A या Series B फंडिंग तक पहुँचा पाते हैं। आने वाले समय में निवेशकों के लिए 'फॉलो-ऑन फंडिंग रेट' (Follow-on funding rate) ही वह पैमाना होगा जिससे यह पता चलेगा कि कैंपस से निकले ये प्रोजेक्ट्स असल में कमर्शियल बिजनेस बन पा रहे हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.