IIT दिल्ली के पूर्व छात्रों के स्टार्टअप ByteAsk ने **$1 मिलियन** की फंडिंग जुटाई है। कंपनी डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे क्रिटिकल सेक्टर के लिए खास तौर पर C और C++ कोडिंग AI एजेंट विकसित कर रही है।
फंडिंग और विजन
बेंगलुरु और सैन फ्रांसिस्को में काम कर रहे स्टार्टअप ByteAsk ने $1 मिलियन की नई फंडिंग हासिल की है। इस राउंड का नेतृत्व दुनिया के जाने-माने स्टार्टअप एक्सेलेरेटर Y Combinator और Entrepreneur First ने किया है। कंपनी खुद को एक ऐसे क्षेत्र में विशेषज्ञ के रूप में स्थापित कर रही है, जहां अभी तक सिर्फ जनरल-पर्पस AI टूल्स का बोलबाला है।
क्यों खास है यह तकनीक?
ज्यादातर कोडिंग असिस्टेंट वेब या सामान्य सॉफ्टवेयर के लिए बने हैं, लेकिन ByteAsk का पूरा फोकस C और C++ प्रोग्रामिंग पर है। डिफेंस, एयरोस्पेस और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग जैसे क्षेत्रों में सॉफ्टवेयर की सटीकता (Accuracy) जीवन-मरण का सवाल होती है, जहां एक छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत बन सकती है।
आंकड़ों की जुबानी
फाउंडर्स अनिरुद्ध कुलकर्णी और प्रत्युष सैनी का दावा है कि उनका मॉडल फर्मवेयर से जुड़े कार्यों में 89% सक्सेस रेट देता है, जबकि आम एआई मॉडल्स का सक्सेस रेट महज 61% के आसपास रहता है। इस फंड का उपयोग कंपनी अपने प्रोप्राइटरी डेटासेट बनाने और GPU इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी।
बाजार की चुनौतियां
हालांकि, कंपनी के सामने Microsoft समर्थित GitHub Copilot और Amazon के CodeWhisperer जैसे दिग्गजों की बड़ी चुनौती है। आने वाले 8 महीने कंपनी के लिए बेहद अहम होंगे, जब वह अपना डेडिकेटेड लैंग्वेज मॉडल लॉन्च करेगी। अब देखना यह है कि क्या यह स्टार्टअप अपनी तकनीक के दम पर बड़े खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बना पाएगा या नहीं।
