Boundless Ventures ने अपना नया फंड **₹300 करोड़** में क्लोज कर लिया है। यह फंड मुख्य रूप से अर्ली-स्टेज AI, रोबोटिक्स और बायोलॉजिकल डेटा स्टार्टअप्स में निवेश करने के लिए बनाया गया है।
नई रणनीति: 'सोवेरनिटी स्टैक'
Boundless Ventures ने यह फंड तब जुटाया है जब ग्लोबल स्तर पर VC फंडिंग में सुस्ती देखी जा रही है। कंपनी का मुख्य फोकस 'सोवेरनिटी स्टैक' (Sovereignty Stack) पर है। इसका मतलब है कि वे उन स्टार्टअप्स को बैक करेंगे जो एंटरप्राइज AI के लिए डेटा सुरक्षा, गवर्नेंस और कंप्लायंस टूल्स तैयार कर रहे हैं। कंपनी प्री-सीड और सीड राउंड्स में निवेश करेगी, जहां हर कंपनी को $5,00,000 से $1 मिलियन तक की फंडिंग दी जाएगी।
भारत को क्यों चुना गया?
फर्म का मानना है कि भारत का जटिल बाजार, जिसमें भाषाई विविधता और बड़े पैमाने पर डेटा मौजूद है, रोबोटिक्स और फिजिकल AI के लिए एक बेहतरीन 'स्ट्रेस टेस्ट' प्लेटफॉर्म है। यहां विकसित तकनीक लैब के मुकाबले अधिक लचीली और ग्लोबल स्तर पर स्केलेबल साबित हो सकती है। फिलहाल, इनके पोर्टफोलियो में 10 कंपनियां शामिल हैं जो ड्रग डिस्कवरी और वर्नाक्यूलर-फर्स्ट इंटरफेस पर काम कर रही हैं।
ग्लोबल नेटवर्क्स का मिलेगा साथ
अपने स्टार्टअप्स को मजबूत करने के लिए Boundless Ventures ने NVIDIA, OpenAI और Anthropic जैसे वैश्विक रिसर्च इकोसिस्टम के साथ टेक्निकल इंटीग्रेशन बनाए रखा है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 'फिजिकल AI' और हार्डवेयर-इंटीग्रेटेड रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में जोखिम अधिक होता है और कमर्शियल प्रॉफिट तक पहुंचने में लंबा समय लग सकता है।
