सॉफ्टवेयर टेस्टिंग प्लेटफॉर्म Blacksmith ने Sequoia Capital के नेतृत्व में $66 मिलियन की सीरीज C फंडिंग जुटा ली है। इस निवेश के साथ ही कंपनी की वैल्यूएशन $1 बिलियन तक पहुंच गई है। कंपनी अब 2027 में एआई (AI) कोडिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अपनी कंप्यूटिंग क्षमता का बड़ा विस्तार करने की तैयारी में है।
यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्टार्टअप Blacksmith ने फंडिंग की नई दौड़ में इतिहास रचते हुए यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर लिया है। $66 मिलियन के इस सीरीज C राउंड की अगुवाई Sequoia Capital ने की, जिसमें Premji Invest, Peak XV Partners, GV और Y Combinator जैसे दिग्गज निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। 2024 में शुरू हुई इस कंपनी ने अब तक कुल $125 मिलियन से ज्यादा का निवेश जुटा लिया है।
कैसे काम करती है तकनीक?
Blacksmith 'कंटीन्यूअस इंटीग्रेशन' (CI) मार्केट में काम करती है, जो कोड बदलावों की ऑटोमेटेड टेस्टिंग को संभालता है। एआई-पावर्ड कोडिंग एजेंट्स के आने के बाद डेवलपर्स अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा कोड जनरेट कर रहे हैं, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा है। कंपनी का दावा है कि उनका प्लेटफॉर्म कोड वैलिडेशन की गति को दोगुना कर देता है, जबकि यूजर्स की ऑपरेशनल लागत में लगभग 60% की कमी आती है।
जबरदस्त ग्रोथ और चुनौती
कंपनी ने अविश्वसनीय रफ्तार पकड़ी है। जनवरी 2026 में जहां साप्ताहिक CI जॉब प्रोसेसिंग 5 मिलियन थी, वहीं अक्टूबर 2026 तक यह आंकड़ा 90 मिलियन के पार निकल गया। इसी अवधि में एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू में 17 गुना की भारी उछाल देखने को मिली है। वर्तमान में Blacksmith यूरोप और अमेरिका में 10 मेगावॉट की कंप्यूटिंग क्षमता मैनेज कर रही है, जिसमें Ashby, Granola, Handshake और LangChain जैसी कंपनियां क्लाइंट लिस्ट में शामिल हैं।
भविष्य की राह और जोखिम
निवेशकों की नजर अब Blacksmith के आक्रामक विस्तार पर है। कंपनी ने 2027 में अपने डेटा सेंटर फुटप्रिंट को 5 गुना बढ़ाने का ऐलान किया है। इतनी बड़ी क्षमता का विस्तार करना भारी पूंजी खर्च (Capital Expenditure) की मांग करता है। कंपनी की लंबी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने नए इंफ्रास्ट्रक्चर का कितना बेहतर इस्तेमाल कर पाती है। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग के बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच तकनीकी बढ़त बनाए रखना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
