मुंबई की स्टार्टअप कंपनी Beyond The Sugar ने ₹1 करोड़ की ब्रिज फंडिंग हासिल की है। कंपनी को यह फंड वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिला है। यह फंडिग एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है, जिसने कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ टारगेट को पार करने में मदद की।
अचानक बढ़ी मांग और स्केलिंग की चुनौती
मुंबई स्थित स्टार्टअप Beyond The Sugar ने संस्थापक प्रियंशु गुप्ता की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ₹1 करोड़ की ब्रिज फंडिंग का राउंड क्लोज किया है। इस पोस्ट ने निवेशकों का ध्यान खींचा। यह कंपनी चीनी से जुड़े फूड प्रोडक्ट्स में स्पेशलाइज्ड है और तेजी से बिक्री बढ़ने के कारण वर्किंग कैपिटल की कमी को दूर करने के लिए इस फंडिंग मैकेनिज्म का सहारा लिया। कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ तो हासिल की, लेकिन इन्वेंटरी और प्रोडक्शन बढ़ाने की लागत कंपनी के कैश रिजर्व से ज्यादा हो गई।
रेवेन्यू परफॉर्मेंस का कमाल
हाल ही में, कंपनी की मांग में तेजी से उछाल देखा गया। नवंबर में, मैनेजमेंट ने मार्च तक ₹10 लाख का मंथली रेवेन्यू टारगेट रखा था। कंपनी ने इस लक्ष्य को फरवरी तक ही हासिल कर लिया और मार्च तक इसे बढ़ाकर ₹16 लाख प्रति माह कर दिया। यह ग्रोथ मजबूत मार्केट डिमांड को दर्शाती है, लेकिन इसने कंपनी पर फाइनेंशियल दबाव भी डाला। बढ़ते ऑर्डर वॉल्यूम के लिए ग्राहकों से पेमेंट मिलने से पहले रॉ मैटेरियल और मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा निवेश की जरूरत होती है, जिससे कैश फ्लो में गैप आ गया और ब्रिज फाइनेंसिंग की आवश्यकता पड़ी।
डिजिटल आउटरीच का स्मार्ट इस्तेमाल
शुरुआत में इस ब्रिज फंडिंग का अमाउंट ₹75 लाख रखने की योजना थी। लेकिन, संस्थापक द्वारा लिखे गए एक लिंक्डइन पोस्ट की अप्रत्याशित सफलता के कारण, जिसने इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स और एलुमनाई नेटवर्क्स के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की, संभावित निवेशकों की रुचि बढ़ गई। इसके चलते, कंपनी इस राउंड का कुल साइज बढ़ाकर ₹1 करोड़ करने में सफल रही। इस आउटरीच से अनुपम मित्तल जैसे निवेशकों से भी बातचीत हुई, जिनकी सलाह कंपनी के अगले ग्रोथ स्टेज के लिए ऑपरेशनल फोकस को प्रभावित करने की उम्मीद है।
भविष्य की योजनाएं और एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी
Beyond The Sugar फिलहाल ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ के बीच एक बड़े फंडिंग राउंड की योजना बना रही है। कंपनी ने मार्च 2027 तक ₹1 करोड़ के मंथली रेवेन्यू रन रेट तक पहुंचने का लॉन्ग-टर्म लक्ष्य रखा है। निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए, सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी अपनी ग्रोथ की गति को कैसे बनाए रखती है और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाते हुए कैश फ्लो के दबाव को कैसे मैनेज करती है। 2027 के रेवेन्यू टारगेट की ओर बढ़ते हुए, यह देखा जाएगा कि कंपनी मार्जिन मैनेजमेंट और कैपिटल के कुशल उपयोग से इन्वेंटरी लेवल और बिक्री की मांग के बीच कैसे संतुलन बनाती है।
