बेंगलुरु स्थित BYT Capital ने डीप-टेक और हार्डवेयर स्टार्टअप्स में निवेश के लिए **₹180 करोड़** का नया फंड पेश किया है। यह फंड स्पेस, रोबोटिक्स और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है, हालांकि इसमें लंबे डेवलपमेंट टाइमलाइन के कारण जोखिम भी अधिक है।
निवेश की रणनीति
वर्ष 2025 में स्थापित वेंचर फर्म BYT Capital ने अपना पहला फंड पेश किया है। पारंपरिक सॉफ्टवेयर-आधारित स्टार्टअप्स से हटकर, यह फंड विशेष रूप से उन कंपनियों पर दांव लगा रहा है जो फिजिकल प्रोडक्ट्स और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर काम कर रही हैं। यह फर्म अपने पूरे लाइफसाइकिल में 18 से 20 स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने की योजना बना रही है।
चेक साइज और फोकस एरिया
इस फंड के तहत स्टार्टअप्स को ₹3 करोड़ से ₹6 करोड़ के बीच शुरुआती फंडिंग दी जाएगी, जबकि एक बड़ा हिस्सा भविष्य के फॉलो-ऑन निवेश के लिए आरक्षित रखा गया है। निवेश का मुख्य फोकस स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, लाइफ साइंसेज और क्लीन एनर्जी जैसे हाई-टेक क्षेत्रों पर होगा।
हार्डवेयर में क्या है चुनौती?
सॉफ्टवेयर स्टार्टअप्स के मुकाबले हार्डवेयर कंपनियों को प्रोटोटाइप बनाने, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने और पेटेंट हासिल करने के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता होती है। इस सेक्टर में सबसे बड़ी चुनौती 'वैली ऑफ डेथ' (Valley of Death) की है, जहां स्टार्टअप्स को अपने प्रोटोटाइप को कमर्शियल प्रोडक्शन तक ले जाने के लिए लंबी अवधि तक संघर्ष करना पड़ता है।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क यह है कि रिटर्न मिलने में इंटरनेट कंपनियों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। फिलहाल, मार्केट की नजर इस बात पर है कि इन स्टार्टअप्स की टेक्नोलॉजी लैब से निकलकर रियल वर्ल्ड में कितनी प्रभावी साबित होती है।
