Aum Ventures का बड़ा दांव: ₹225 करोड़ जुटाए, अब AI, स्पेस और रोबोटिक्स में करेगी निवेश

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Aum Ventures का बड़ा दांव: ₹225 करोड़ जुटाए, अब AI, स्पेस और रोबोटिक्स में करेगी निवेश

वेंचर कैपिटल फर्म Aum Ventures ने अपने इंडिया इनोवेशन फंड II के पहले क्लोज में ₹225 करोड़ की राशि जुटाई है। यह फंड कुल ₹750 करोड़ का लक्ष्य रखता है और इसका फोकस डीप-टेक सेक्टर जैसे स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स पर रहेगा। यह कदम भारत के फ्रंटियर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में ग्लोबल निवेशकों की लगातार रुचि को दर्शाता है।

Aum Ventures का नया फंड

वेंचर कैपिटल फर्म Aum Ventures ने अपने दूसरे फंड, 'इंडिया इनोवेशन फंड II' के पहले क्लोज (first close) की घोषणा की है। इस राउंड में फर्म ने ₹225 करोड़ की राशि सफलतापूर्वक जुटाई है। Aum Ventures का लक्ष्य इस फंड के जरिए कुल ₹750 करोड़ का कॉर्पस (corpus) तैयार करना है, जिससे वे शुरुआती दौर की कंपनियों को सहारा दे सकें। यह फंड भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास कैटेगरी II अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (Category II Alternative Investment Fund) के रूप में रजिस्टर्ड है, जो फर्म को अनलिस्टेड कंपनियों में निवेश की इजाजत देता है।

ग्लोबल निवेशकों का भरोसा

इस फंड की बड़ी बात यह है कि जुटाए गए 65% से अधिक फंड इंटरनेशनल लिमिटेड पार्टनर्स (international limited partners) से आए हैं। इनमें अमेरिका, मध्य पूर्व और दुनिया के अन्य हिस्सों के फैमिली ऑफिस (family offices) और स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टर्स (strategic investors) शामिल हैं। यह इस बात का संकेत है कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारतीय टेक्नोलॉजी-केंद्रित वेंचर कैपिटल में अभी भी निवेश की अच्छी खासी मांग है, खासकर उन निवेशकों से जो लॉन्ग-टर्म रिसर्च और डेवलपमेंट (long-term research and development) के लिए पैसा लगाने को तैयार हैं।

फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज पर खास फोकस

आम वेंचर फंडों के विपरीत, जो अक्सर कंज्यूमर इंटरनेट (consumer internet) या सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) पर ध्यान देते हैं, Aum Ventures अपनी रणनीति 'फ्रंटियर' टेक्नोलॉजीज पर केंद्रित कर रहा है। निवेश के एजेंडे में स्पेस और एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स (semiconductors), रोबोटिक्स, डिफेंस टेक्नोलॉजी (defense technology) और एनर्जी ट्रांज़िशन (energy transition) जैसे सेक्टर शामिल हैं।

ये सेक्टर अक्सर कंज्यूमर स्टार्टअप्स से अलग होते हैं क्योंकि ये इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी-लेड (intellectual property-led) होते हैं और इनमें डेवलपमेंट का समय ज्यादा लगता है। Aum Ventures का लक्ष्य फंड के जीवनकाल में 25 से 30 कंपनियों को सपोर्ट करना है। शुरुआती निवेश $750,000 से $2 मिलियन तक का होगा। फर्म बाद के चरणों, जैसे सीरीज A और सीरीज B राउंड्स में, कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए फॉलो-ऑन इन्वेस्टमेंट (follow-on investments) के लिए भी पूंजी बचाएगी।

पिछला ट्रैक रिकॉर्ड और जोखिम

फर्म का पहला फंड, जो 2022 में लॉन्च हुआ था, इस नए फंड रेजिंग का आधार है। कंपनी के अनुसार, उस फंड ने 2.23 गुना का ग्रॉस मल्टीपल ऑफ इन्वेस्टेड कैपिटल (gross Multiple of Invested Capital) और 53% का ग्रॉस इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (gross internal rate of return) हासिल किया। पोर्टफोलियो की शुरुआती सफलताओं में Skyroot Aerospace जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिसने $1 बिलियन का वैल्यूएशन हासिल किया है, साथ ही Azimuth AI और Latent AI भी हैं।

हालांकि, इस एसेट क्लास में निहित जोखिमों को समझना महत्वपूर्ण है। वेंचर कैपिटल (Venture Capital) एक इलिक्विड (illiquid) संपत्ति है, जिसका मतलब है कि पैसा कई सालों तक लॉक हो जाता है। डीप-टेक (deep-tech) और स्पेस-टेक (space-tech) कंपनियों को महत्वपूर्ण R&D जोखिमों का सामना करना पड़ता है और वे स्टैंडर्ड सॉफ्टवेयर व्यवसायों की तुलना में व्यावसायिक व्यवहार्यता तक पहुंचने में बहुत अधिक समय ले सकती हैं। इस क्षेत्र में सफलता काफी हद तक कंपनी की नियामकीय बाधाओं (regulatory hurdles) को नेविगेट करने, तकनीकी सफलताओं को प्राप्त करने और पूंजी-गहन वातावरण में फॉलो-ऑन फंडिंग हासिल करने की क्षमता पर निर्भर करती है। भले ही पहले फंड ने शुरुआती मजबूत नतीजे दिखाए हों, लेकिन वेंचर कैपिटल में पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं देता है। इन फंडों में निवेशक आम तौर पर लॉन्ग-टर्म हॉरिजॉन (long-term horizon) रखते हैं और शुरुआती चरण की तकनीकी नवाचारों से जुड़ी अनिश्चितताओं के प्रति उच्च सहनशीलता रखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.