नोएडा स्थित Astrotalk ने एक इंटरनल एम्प्लॉई स्टॉक बायबैक प्रोग्राम के जरिए **$1 बिलियन** की वैल्यूएशन का आंकड़ा छू लिया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर **2025** में **₹1,176 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है और अब ज्योतिष सेवाओं से आगे बढ़कर स्पिरिचुअल ई-कॉमर्स में कदम रख रही है।
मुनाफे से बना यूनिकॉर्न
Astrotalk ने यह बड़ी कामयाबी बाहरी फंडिंग के बजाय अपने मुनाफे के दम पर हासिल की है। कंपनी ने एक इंटरनल एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन (ESOP) बायबैक प्रोग्राम चलाया, जिसमें 100 से ज्यादा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। यह स्ट्रक्चर इसे अन्य यूनिकॉर्न से अलग बनाता है, जो अक्सर वैल्यूएशन बनाए रखने के लिए लगातार एक्सटर्नल कैपिटल पर निर्भर रहते हैं।
दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी की ग्रोथ रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फाइनेंशियल ईयर 2025 में इनका रेवेन्यू ₹1,176 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹285 करोड़ दर्ज किया गया। वर्तमान में कंपनी का रेवेन्यू रन रेट ₹2,500 करोड़ के पार है और 13,000 से ज्यादा एस्ट्रोलॉजर प्लेटफॉर्म के जरिए सेवाएं दे रहे हैं।
स्पिरिचुअल ई-कॉमर्स की ओर कदम
कंपनी अब सिर्फ ज्योतिष और कुंडली तक सीमित नहीं है। यह 'स्पिरिचुअल लाइफस्टाइल' ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में तब्दील हो रही है, जहां रुद्राक्ष, वास्तु प्रोडक्ट्स और वेलनेस एक्सेसरीज जैसे क्रिस्टल-इन्फ्यूज्ड परफ्यूम बेचे जा रहे हैं। इसका लक्ष्य ग्राहकों को एक बार की सेवा से निकालकर बार-बार खरीदारी करने वाले 'रिटेल बायर्स' में बदलना है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि कंपनी ने Left Lane Capital और Elev8 Venture Partners जैसे बड़े नामों से फंडिंग जुटाई है, लेकिन यह एक प्राइवेट कंपनी है। इसका मतलब है कि इसके शेयर NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं हैं और रिटेल निवेशक इसे अभी सीधे ट्रेड नहीं कर सकते। कंपनी के भविष्य के लिए स्पिरिचुअल-टेक सेक्टर में ई-कॉमर्स चेन संभालना और ग्लोबल मार्केट में विस्तार बड़ी चुनौतियां होंगी।
