Activate AI: भारतीय AI स्टार्टअप्स में आएगी तेजी, **$105 मिलियन** का नया फंड हुआ लॉन्च

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AuthorMehul Desai|Published at:
Activate AI: भारतीय AI स्टार्टअप्स में आएगी तेजी, **$105 मिलियन** का नया फंड हुआ लॉन्च

बेंगलुरु स्थित वेंचर फर्म Activate ने भारत में AI-नेटिव स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए **$105 मिलियन** का अपना पहला फंड क्लोज कर लिया है। दिग्गज निवेशकों के साथ मिलकर यह निवेश भारत के AI इकोसिस्टम में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

फंड का पूरा गणित

बेंगलुरु स्थित वेंचर कैपिटल फर्म Activate ने $105 मिलियन की पूंजी के साथ अपना पहला इन्वेस्टमेंट फंड आधिकारिक तौर पर बंद (Close) कर दिया है। दिसंबर 2025 में स्थापित यह फर्म अब शुरुआती चरण (Early-stage) और ग्रोथ-स्टेज के आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप्स में पैसा लगाएगी। यह फंड न केवल भारत के उभरते हुए AI बाजार के लिए एक बड़ा संकेत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे वेंचर फर्म नई तकनीकों में जल्दी दांव लगा रही हैं।

कैसे खर्च होगा फंड?

इस फंड का बड़ा हिस्सा यानी $85 मिलियन अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स के लिए रखा गया है, जबकि $20 मिलियन का उपयोग ग्रोथ-स्टेज कंपनियों के लिए किया जाएगा। Activate आमतौर पर स्टार्टअप्स के पहले इंस्टिट्यूशनल फंडिंग राउंड का नेतृत्व करना पसंद करती है, जिसमें निवेश का आकार $5 लाख से $3 मिलियन के बीच होता है। इस मॉडल से फर्म संस्थापकों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट और हायरिंग में शुरू से ही मदद कर पाती है।

प्रमुख निवेश क्षेत्र और दिग्गज बैकर्स

Activate का मुख्य फोकस डोमेस्टिक AI इंफ्रास्ट्रक्चर, AI-संचालित बिजनेस सर्विसेज और कंज्यूमर एप्लीकेशन्स पर है। फर्म पहले ही Sarvam AI, ElevenLabs और Wispr Flow जैसी कंपनियों में 10 निवेश कर चुकी है। इस फंड का नेतृत्व Haptik के फाउंडर आकृत वैश और Together Fund के पूर्व सदस्य प्रत्युष चौधरी कर रहे हैं। इसे General Catalyst, विनोद खोसला, Paytm के विजय शेखर शर्मा और Freshworks के गिरीश मातृभूतम जैसे दिग्गजों का समर्थन प्राप्त है।

निवेशकों के लिए जरूरी बात

हालांकि यह फंड स्टार्टअप्स के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, लेकिन वेंचर कैपिटल और AI स्टार्टअप्स में निवेश हमेशा जोखिम भरा होता है। AI क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जहाँ सफलता के लिए सही प्रोडक्ट-मार्केट फिट ढूंढना बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, वेंचर कैपिटल एक इलिक्विड एसेट क्लास है, जिसका रिटर्न मिलने में कई साल लग सकते हैं। चूँकि Activate एक प्राइवेट फर्म है, इसलिए शेयर बाजार के निवेशकों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह भविष्य में भारतीय टेक सर्विसेज सेक्टर में इनोवेशन की दिशा तय कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.