AI स्टार्टअप Wabi ने **$55 मिलियन** की नई फंडिंग जुटाकर यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री कर ली है। कंपनी अब अपने बिजनेस मॉडल को बदलकर ऐप जेनरेशन से हटकर 'AI पर्सनल एजेंट्स' बनाने पर फोकस कर रही है।
रेप्लिका (Replika) की फाउंडर यूजेनिया कुयडा द्वारा संचालित AI स्टार्टअप Wabi ने $55 मिलियन की फ्रेश फंडिंग के साथ $1.25 बिलियन का वैल्यूएशन हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ ही कंपनी आधिकारिक तौर पर 'यूनिकॉर्न' क्लब में शामिल हो गई है। यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपनी स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव करते हुए अपना पूरा ध्यान 'AI पर्सनल एजेंट्स' विकसित करने पर लगा रही है।
ऐप बिल्डर से AI एजेंट तक का सफर
कंपनी की नई रणनीति, जिसे 'Wabi 2.0' नाम दिया गया है, सॉफ्टवेयर के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी। अब तक कंपनी का काम ऐप्स बनाने तक सीमित था, लेकिन अब वे ऐसे 'एजेंटिक' सिस्टम तैयार कर रहे हैं जो पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेंगे। साधारण AI चैटबॉट्स के विपरीत, ये एजेंट्स मील प्लानिंग, फिटनेस ट्रैकिंग और सोशल शेड्यूलिंग जैसे जटिल काम खुद कर सकेंगे।
क्यों दांव लगा रहे हैं दिग्गज निवेशक?
इस फंडिंग राउंड की अगुवाई IVP ने की है, जिसमें Andreessen Horowitz और Amazon Alexa Fund जैसे बड़े खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा Shopify के CEO टोबी लुटके और Salesforce के CEO मार्क बेनियोफ जैसे दिग्गज टेक लीडर्स ने भी निवेश किया है। यह निवेशकों का जबरदस्त भरोसा दिखाता है कि AI एजेंट्स की मांग आने वाले समय में बढ़ने वाली है।
भविष्य की चुनौतियां
इतनी भारी वैल्यूएशन के बाद भी Wabi के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। बिजनेस मॉडल में पिवट (बदलाव) लाना हमेशा जोखिम भरा होता है, खासकर तब जब AI एजेंट्स का मार्केट बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है। अब कंपनी की असली परीक्षा यह होगी कि क्या वे प्रोटोटाइप से आगे बढ़कर बाजार में ऐसा उपयोगी टूल ला पाते हैं जो यूजर की असल समस्याओं को हल कर सके।
