Cybersecurity फर्म Reco ने 'Shadow AI' के बढ़ते जोखिमों को रोकने के लिए **$55 मिलियन** की फंडिंग जुटाई है। यह कंपनी उन अनधिकृत AI एजेंट्स पर नजर रखती है जो कॉर्पोरेट डेटा में सेंध लगा सकते हैं।
'Shadow AI' का बढ़ता खतरा
कॉर्पोरेट जगत में 'Shadow AI' एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। इसका सीधा मतलब है- ऐसे अनधिकृत AI एजेंट्स का इस्तेमाल, जिन्हें कंपनी की IT टीम की जानकारी के बिना कर्मचारी वर्कफ़्लो में जोड़ देते हैं। यह डेटा लीक होने और संवेदनशील जानकारी तक अवैध पहुँच का एक बड़ा जरिया बन गया है।
Reco का टेक्नोलॉजी मॉडल
कंपनी का Context-graph प्लेटफॉर्म डिजिटल इकोसिस्टम में हर AI और SaaS इंटीग्रेशन को मैप करता है। इससे सिक्योरिटी टीमें यह आसानी से देख पाती हैं कि कौन से टूल्स कंपनी के डेटा को एक्सेस कर रहे हैं। Reco ने Fortune 100 कंपनियों के डेटा में हजारों ऐसे अनधिकृत बॉट्स ढूंढे हैं, जिनमें से कई तो पूर्व कर्मचारियों द्वारा बनाए गए थे, जिनके पास अभी भी क्रिटिकल डेटाबेस जैसे Salesforce का एक्सेस था।
निवेशक क्यों हैं उत्साहित?
यह फंडिंग, जो कि सीरीज-B का विस्तार है, दिखाती है कि साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में निवेशकों की गहरी दिलचस्पी है। Reco की सालाना रिकरिंग रेवेन्यू फिलहाल डबल-डिजिट मिलियन में है, जिसे कंपनी साल के अंत तक 3 गुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
निवेशकों के लिए बड़ा संकेत यह है कि AI का दौर सिर्फ ग्रोथ के बारे में नहीं है, बल्कि 'डिजिटल गवर्नेंस' और सुरक्षा पर होने वाले खर्च के बारे में भी है। आने वाले समय में वही कंपनियां सफल होंगी जो इनोवेशन के साथ-साथ डेटा सुरक्षा के मजबूत प्रोटोकॉल भी सुनिश्चित कर सकेंगी।
