ASK Private Wealth Hurun India Gazelle इंडेक्स के मुताबिक, भारत की **51** स्टार्टअप्स ने फाइनेंशियल ईयर **2025** में **50%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। इन कंपनियों की वैल्यूएशन **$50 करोड़** से **$1 अरब** के बीच है, जो भविष्य के IPO मार्केट के लिए एक बड़ा संकेत है।
ग्रोथ की रफ्तार
2026 के ASK Private Wealth Hurun India Gazelle इंडेक्स में शामिल इन 51 स्टार्टअप्स ने कुल ₹33,233 करोड़ का रेवेन्यू कमाया है। औसतन 50% की साल-दर-साल (YoY) वृद्धि यह बताती है कि भारत का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम तेजी से मेच्योर हो रहा है।
बदलता सेक्टर ट्रेंड
अब फोकस सिर्फ कंज्यूमर ऐप्स तक सीमित नहीं है। फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के अलावा अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लीन-टेक, और एयरोस्पेस एवं डिफेंस जैसे सेक्टर में कंपनियों का दबदबा बढ़ रहा है। बेंगलुरु इस लिस्ट में सबसे आगे है, जहां 17 स्टार्टअप्स स्थित हैं, इसके बाद NCR और मुंबई का नंबर आता है। इस साल 7 कंपनियां 'यूनिकॉर्न' क्लब में शामिल हुई हैं, जिनमें KreditBee और InVideo AI प्रमुख हैं।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
प्राइवेट मार्केट की चमक और पब्लिक मार्केट की हकीकत में फर्क होता है। Shadowfax और Turtlemint जैसी कंपनियों के IPO सफल रहे, लेकिन हाल के समय में नए जमाने की टेक कंपनियों के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। निवेशकों के लिए असली परीक्षा यह होगी कि ये कंपनियां बिना मार्जिन से समझौता किए अपनी ग्रोथ कैसे बनाए रखती हैं।
IPO के लिए तैयारी कर रही इन स्टार्टअप्स की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कैश बर्न पर निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
