क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड छठी बार खेलते हुए इतिहास रचा, लेकिन पुर्तगाल का सफर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के खिलाफ **1-1** की ड्रॉ के साथ शुरू हुआ। **41** वर्षीय रोनाल्डो का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है, क्योंकि बड़े टूर्नामेंट्स में गोल का उनका सूखा जारी है।
क्या हुआ?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने वर्ल्ड कप के इतिहास में छठा मैच खेलकर एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। वह लियोनेल मेसी के साथ इस रिकॉर्ड को साझा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि, यह ऐतिहासिक पल पुर्तगाल के लिए 1-1 की निराशाजनक ड्रॉ में बदल गया, क्योंकि टीम डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर पाई। 41 साल के इस अनुभवी स्ट्राइकर ने मैच के दौरान कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ा।
परफॉरमेंस के आंकड़े क्या कहते हैं?
किसी भी खेल में, खासकर टॉप-लेवल फुटबॉल में, प्रदर्शन के आंकड़े स्कोरलाइन से कहीं ज़्यादा बताते हैं। इस मैच में रोनाल्डो की सक्रियता काफी कम दिखी। उन्होंने केवल 25 बार गेंद को छुआ, जो पुर्तगाल के शुरुआती लाइन-अप में सबसे कम था। उनके पास 22 पास में से 17 बैकवर्ड थे, जो दर्शाता है कि उन्होंने ज़्यादातर सुरक्षित खेल खेला। फिनिशिंग में भी वह चूके, तीन शॉट लक्ष्य से बाहर गए और टीम के लिए जीत पक्की करने वाले दो अहम मौके गंवा दिए।
पिछला प्रदर्शन और वर्तमान फॉर्म
यह समझना ज़रूरी है कि रोनाल्डो अब बड़े टूर्नामेंट्स में 10 मैचों से गोल नहीं कर पाए हैं। यह सूखा यूरो 2020 में जर्मनी के खिलाफ ओपन प्ले से किए गए आखिरी गोल के बाद से जारी है। भले ही उनके नाम अंतरराष्ट्रीय मैचों और गोलों के कई विश्व रिकॉर्ड हों, लेकिन मौजूदा आंकड़े बड़े मैचों में उनकी गोल करने की क्षमता में गिरावट दिखा रहे हैं। यह प्रदर्शन पुर्तगाल के टूर्नामेंट से पहले के आखिरी वार्म-अप मैच में भी देखने को मिला था, जिससे टीम की रणनीति में उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
कोच का नज़रिया
पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने रोनाल्डो का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो का अनुभव और विपक्षी खिलाड़ियों का ध्यान अपनी ओर खींचने की क्षमता, दूसरे खिलाड़ियों के लिए जगह बनाती है। मैच के बाद मार्टिनेज ने रोनाल्डो को मैदान पर बनाए रखने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि गोल की ज़रूरत वाले मैच में उन्हें हटाना सही नहीं होता।
आगे क्या देखना होगा?
जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट व्यक्तिगत उपलब्धियों और वर्तमान टीम की ज़रूरत के बीच संतुलन कैसे बिठाता है। टीम की फॉरवर्ड लाइन में सुधार और फाइनल थर्ड में बॉल मूवमेंट पर नज़रें रहेंगी। रोनाल्डो का अगला मैच खेलना कोच के इस आकलन पर निर्भर करेगा कि वह टीम के ओवरऑल अटैक में कितना योगदान दे सकते हैं, या फिर युवा खिलाड़ियों को मौका देना ज़्यादा ज़रूरी है।
