क्यों अटकी Royal Challengers Sports की डील?
IPL की फ्रैंचाइजी Royal Challengers Sports Pvt Ltd (RCSPL) के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया में अब वैल्यूएशन का पेंच फंस गया है। United Spirits, जो Diageo plc की सब्सिडियरी है, अपनी इस क्रिकेट टीम को बेचने की कोशिश कर रही है। हाल ही में, 2 फरवरी को कई नॉन-बाइंडिंग बिड्स (गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव) जमा किए गए थे। इन बिड्स में Manipal Group के चेयरमैन डॉ. रंजन पाई, Serum Institute of India के CEO अदार पूनावाला, स्वीडिश फर्म EQT और Premji Invest जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
हालांकि, बोली लगाने वालों के $1.5 से $1.7 बिलियन के वैल्यूएशन और कंपनी की $2 बिलियन की उम्मीदों के बीच $300 से $500 मिलियन (यानी ₹2400 करोड़ से ₹4000 करोड़) का भारी अंतर आ गया है। यह गैप डील को आगे बढ़ाने में एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
IPL फ्रैंचाइजी की चमक और मार्केट की हकीकत
IPL फ्रेंचाइजी हमेशा से ही बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षक संपत्ति रही हैं। इसका एक मुख्य कारण इन टीमों का एसेट-लाइट मॉडल (Asset-Light Model) है, जहाँ रेवेन्यू लॉन्ग-टर्म मीडिया राइट्स और स्पॉन्सरशिप डील्स से आता है, जिससे एक स्थिर कैश फ्लो (Cash Flow) बना रहता है। इसके अलावा, सैलरी कैप (Salary Cap) भी मुनाफे को सुरक्षित रखने में मदद करता है। 2025 में IPL का कुल बिज़नेस वैल्यूएशन बढ़कर $18.5 बिलियन हो गया है, और ब्रांड वैल्यू $3.9 बिलियन है।
हाल के मार्केट ट्रेंड्स पर नजर डालें तो 2025 में IPL ईकोसिस्टम का कुल वैल्यूएशन 20% घटकर $9.6 बिलियन रह गया, जो 2024 में $12.0 बिलियन था। इसका असर भू-राजनीतिक तनाव, वेन्यू में बदलाव और खिलाड़ियों की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी दिख रहा है। इन सबके बीच, टीमों के वैल्यूएशन की बात करें तो Gujarat Titans की बिक्री $833 मिलियन में हुई थी। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, Mumbai Indians का वैल्यूएशन $108 मिलियन, RCB का $105 मिलियन और Chennai Super Kings का $93 मिलियन बताया गया है।
भारतीय स्पोर्ट्स मार्केट भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2030 तक $130 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। वेंचर कैपिटल (VC) और प्राइवेट इक्विटी (PE) फर्मों की खेल तकनीक, गेमिंग और नई लीगों में रुचि बढ़ी है। ऐसे में, एक्सपर्ट्स का मानना है कि समझदार निवेशक अब परफॉर्मेंस, ब्रांड इक्विटी और मार्केट कंडीशन का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
नॉन-बाइंडिंग बिड्स जमा होने के बाद, अगले 10 दिनों में संभावित खरीदारों की एक शॉर्टलिस्ट (Shortlist) जारी की जा सकती है। इसके बाद ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) प्रक्रिया शुरू होगी, और फिर बाइंडिंग बिड्स (Binding Bids) मांगे जाएंगे। यह पूरी डील मार्च 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। इस सेल-साइड प्रोसेस को इन्वेस्टमेंट बैंक Citi मैनेज कर रहा है, जिसका मुख्य काम इस वैल्यूएशन गैप को पाटना होगा।
फिलहाल, United Spirits की मार्केट कैप ₹99,000 करोड़ के करीब है, और इसका ट्रेलिंग बारह मंथ पीई (P/E) रेशियो करीब 57x है।
