भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कुल **190kg** का वजन उठाकर यह शानदार जीत हासिल की। इस जीत के साथ उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में नया रिकॉर्ड भी बनाया।
Detailed Coverage
मीराबाई चानू का दमदार प्रदर्शन
रविवार को हुए इस मुकाबले में 31 वर्षीय मीराबाई चानू ने 85kg स्नैच और 105kg क्लीन एंड जर्क में कुल 190kg का वजन उठाया। इस प्रदर्शन से उन्होंने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन उठाने के श्रेणियों में नया कॉमनवेल्थ और कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
वजन कम करने की चुनौती और रणनीति
गोल्ड मेडल तक का सफर आसान नहीं था, खासकर प्रतियोगिता से पहले सख्त वेट-कटिंग की वजह से मीराबाई को काफी शारीरिकThe drain से गुजरना पड़ा। हालांकि, शुरुआत में 82kg स्नैच के पहले प्रयास में असफल होने के बाद भी उन्होंने वापसी की और कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड तोड़ा। क्लीन एंड जर्क में भी पहले प्रयास में चूकने के बाद दूसरे प्रयास में 105kg सफलतापूर्वक उठाया। गोल्ड पक्का होने के बाद, उन्होंने आने वाले एशियन गेम्स को देखते हुए अपनी ऊर्जा बचाने के लिए क्लीन एंड जर्क का अंतिम प्रयास छोड़ दिया।
भारत के लिए अन्य मेडल
भारोत्तोलन में भारत को दो सिल्वर मेडल भी मिले। पुरुषों के 60kg कैटेगरी में, रिशिकांत सिंह ने कुल 264kg का वजन उठाया। स्नैच में उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी की, लेकिन घुटने की चोट के कारण क्लीन एंड जर्क में मोहम्मद अनिक कासदान (मलेशिया) से पिछड़ गए, जिन्होंने 273kg के कुल वजन के साथ गोल्ड जीता। इसी तरह, एम. राजा ने 65kg कैटेगरी में 286kg के कुल वजन के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि मलेशिया के मुहम्मद अजनी बिन बिडिन ने 299kg के नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड अपने नाम किया।
भविष्य की प्रतियोगिताओं पर नजर
भारतीय खेल की दुनिया की नजरें अब इन एथलीटों की रिकवरी और आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों पर टिकी हैं। रिशिकांत सिंह और एम. राजा जहां टॉप पर न पहुँच पाने से निराश थे, वहीं मीराबाई चानू का दबाव झेलने और शारीरिकThe drain को मैनेज करने की क्षमता उनकी लगातार सफलता का महत्वपूर्ण कारण बनी हुई है। भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का मलेशिया जैसी टीमों के खिलाफ लगातार पदक जीतना भविष्य की बहु-खेल आयोजनों में देखने लायक होगा।
