भारतीय टेबल टेनिस जोड़ी Manav Thakkar और Manush Shah ने पुरुषों के डबल्स में इतिहास रचते हुए वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरी पायदान हासिल की है। पिछले साल भर से वर्ल्ड टेबल टेनिस सर्किट पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन इसका नतीजा है। खास बात यह है कि ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लक्ष्य के साथ, यह जोड़ी पारंपरिक ट्रेनिंग के बजाय मैच खेलने पर ज्यादा फोकस कर रही है।
Detailed Coverage
कैसे हासिल की यह ऐतिहासिक रैंकिंग?
भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी Manav Thakkar और Manush Shah ने पुरुषों के डबल्स रैंकिंग में दुनिया की दूसरी जोड़ी बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह किसी भी भारतीय जोड़ी के लिए इस खेल के इतिहास में सबसे बड़ी उपलब्धि है। 26 और 25 साल के इस युवा जोड़ी ने पिछले 12 महीनों में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
लगातार प्रदर्शन का कमाल
वर्ल्ड रैंकिंग में दूसरे स्थान तक पहुंचने का श्रेय इस जोड़ी के वर्ल्ड टेबल टेनिस सर्किट पर लगातार भाग लेने और बेहतर नतीजे देने की रणनीति को जाता है। हाल के दिनों में उन्होंने नाइजीरिया में एक कंـटेन्डर इवेंट जीता और ब्राजील में एक टूर्नामेंट में उपविजेता रहीं। इन जीतों के साथ-साथ तीन सेमी-फाइनल और चार क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने से उन्हें रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के लिए जरूरी पॉइंट्स मिले।
ट्रेनिंग का अनोखा तरीका
कई पेशेवर खिलाड़ियों की तरह समर्पित ट्रेनिंग कैंप पर निर्भर रहने के बजाय, Thakkar और Shah ने मैच खेलने को प्राथमिकता देने वाला तरीका अपनाया है। वे सालाना लगभग 13 टूर्नामेंट में सिंगल्स, मेंस डबल्स और मिक्स्ड डबल्स श्रेणियों में भाग लेते हैं। जोड़ी का मानना है कि कॉम्पिटिटिव मैचों के दौरान दबाव का अनुभव करना उनके विकास के लिए बेहद जरूरी है और यह अकेले प्रैक्टिस सेशन से बेहतर तैयारी कराता है।
इस शेड्यूल के लिए उन्हें काफी हद तक स्वतंत्र रूप से सब मैनेज करना पड़ता है। किसी फुल-टाइम ट्रैवलिंग कोच के बिना, यह जोड़ी खुद ही टूर्नामेंट एंट्री, यात्रा और रिकवरी का प्रबंधन करती है। वे मैच फुटेज की समीक्षा करके सेल्फ-एनालिसिस करते हैं और अपनी रणनीति को समायोजित करने के लिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं।
भविष्य के लक्ष्य और ओलंपिक की राह
यह वर्ल्ड रैंकिंग एशियाई खेलों सहित प्रमुख आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सीडिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बेहतर सीडिंग मिलने से वे टूर्नामेंट के शुरुआती चरणों में मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से बच सकते हैं, जो सफलता के लिए अहम है।
तत्काल लक्ष्यों से परे, इस जोड़ी ने पुरुषों के डबल्स को एक दीर्घकालिक प्राथमिकता के रूप में पहचाना है, खासकर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में इसके शामिल होने को देखते हुए। हालांकि दोनों खिलाड़ी वर्तमान में सिंगल्स में व्यक्तिगत रूप से वर्ल्ड नंबर 38 और वर्ल्ड नंबर 40 पर हैं, लेकिन उनका मानना है कि डबल्स में उनके सामूहिक प्रयास अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे की सफलता के लिए उच्च क्षमता वाले मार्ग प्रदान करते हैं। जोड़ी के लिए अगला कदम अपनी गति और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना है ताकि भविष्य के क्वालिफिकेशन इवेंट्स के लिए एक अनुकूल स्थिति सुरक्षित की जा सके।
