आइवरी कोस्ट ने क्युरेसाओ के खिलाफ **2-0** से जीत दर्ज कर पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में जगह पक्की कर ली है। टीम ग्रुप E में दूसरे स्थान पर रही, जबकि डेब्यू करने वाला क्युरेसाओ टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
क्या हुआ?
आइवरी कोस्ट ने ग्रुप E के अपने आखिरी मैच में क्युरेसाओ को 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया है। टीम पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में पहुंची है। स्ट्राइकर निकोलस पेपे (Nicolas Pepe) ने दोनों गोल दागे। इस जीत के साथ आइवरी कोस्ट ग्रुप E में दूसरे स्थान पर रही और क्युरेसाओ का सफर यहीं खत्म हो गया।
ऐतिहासिक उपलब्धि
'लेस एलिफैंट्स' (Les Elephants) के नाम से मशहूर आइवरी कोस्ट की राष्ट्रीय टीम के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। 2006 से 2014 के बीच अपने तीन वर्ल्ड कप अभियानों में टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी। नॉकआउट में जगह बनाकर उन्होंने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है।
मैच का लेखा-जोखा
आइवरी कोस्ट ने मैच की शुरुआत में ही बढ़त बना ली थी। पेपे ने सातवें मिनट में पहला गोल किया। यह गोल क्युरेसाओ की डिफेंस की गलती का नतीजा था, जिसने 19 साल के यान डियोमांडे (Yan Diomande) को गेंद जीतने का मौका दिया, और उन्होंने पेपे के लिए असिस्ट किया। पेपे ने पास को गोल में बदला।
दूसरा गोल 64वें मिनट में आया। इब्राहिम सांगारे (Ibrahim Sangare) ने थ्रू-बॉल पर पेपे को गेंद दी, जिन्होंने बॉक्स में घुसकर दूर वाले कोने में गेंद को डालकर स्कोर 2-0 कर दिया। क्युरेसाओ ने लिएंड्रो बैकुना (Leandro Bacuna) और शेरिल फ्लोरानुस (Sherel Floranus) के प्रयासों से वापसी की कोशिश की, लेकिन वे गोल करने में नाकाम रहे।
क्युरेसाओ का सफर समाप्त
क्युरेसाओ के लिए यह हार टूर्नामेंट का अंत है, और वे बाहर होने वाली आठवीं टीम बन गई है। डच कोच डिक एडवोकेट (Dick Advocaat) की टीम, जो वर्ल्ड कप में भाग लेने वाली सबसे छोटी टीम थी, प्रतियोगिता से बाहर हो गई है। फाइनल मैच में मौके गंवाने के बावजूद, वर्ल्ड कप में उनका क्वालीफाई करना कैरेबियाई टीम के लिए एक बड़ी बात थी।
आगे क्या?
ग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद, आइवरी कोस्ट अब नॉकआउट राउंड की तैयारी कर रही है। उनका अगला मैच मंगलवार को आर्लिंग्टन, टेक्सास में खेला जाएगा। उनके प्रतिद्वंद्वी ग्रुप I में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम होगी, जिसका फैसला फ्रांस और नॉर्वे के बीच होने वाले मैचों के नतीजों से होगा।
