Belgium World Cup: ईरान से ड्रॉ के बाद अब न्यूजीलैंड के खिलाफ 'करो या मरो' की जंग!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Belgium World Cup: ईरान से ड्रॉ के बाद अब न्यूजीलैंड के खिलाफ 'करो या मरो' की जंग!

बेल्जियम की वर्ल्ड कप में मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईरान के खिलाफ **0-0** की ड्रॉ ने ग्रुप G में उन्हें सिर्फ **2 अंक** दिलाए हैं। टीम के डिफेंडर **Nathan Ngoy** को रेड कार्ड मिलने के बाद **10 खिलाड़ियों** से खेलना पड़ा और गोल करने में वो नाकाम रहे। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी लीग मैच जीतना बेल्जियम के लिए ज़रूरी है।

क्या हुआ?

2026 वर्ल्ड कप में बेल्जियम का सफर अब बेहद नाजुक मोड़ पर आ गया है। लॉस एंजेलिस में ईरान के खिलाफ खेले गए मैच में 0-0 से ड्रॉ ने बेल्जियम को उनके शुरुआती दो मैचों से सिर्फ 2 अंक दिलाए हैं। इस मैच में बेल्जियम की तरफ से गोल करने में बड़ी चूक हुई। मैच के दूसरे हाफ में डिफेंडर Nathan Ngoy को रेड कार्ड मिलने के बाद टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई, जिससे ईरान की मजबूत डिफेंस के खिलाफ देर से गोल करने का उनका प्रयास लगभग खत्म हो गया।

आगे का रास्ता (The Qualification Hurdle)

दो ड्रॉ से मिले 2 अंकों के साथ बेल्जियम के लिए अब कोई और गलती की गुंजाइश नहीं है। ग्रुप G में सभी टीमें नॉकआउट स्टेज में जगह बनाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। बेल्जियम के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी मैच जीतना अब 'मस्ट-विन' (Must-win) यानी 'करो या मरो' का मैच बन गया है। ग्रुप की सबसे कमजोर टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन अंक हासिल करने में विफलता, अनुभवी खिलाड़ियों से सजी इस टीम के लिए बड़ा झटका साबित होगी और टूर्नामेंट से जल्दी बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

रेड कार्ड का असर

Nathan Ngoy का बाहर जाना एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। हालांकि बेल्जियम के पास मैच के दौरान ज्यादा बॉल पजेशन (Ball Possession) रहा, लेकिन एक अहम डिफेंडर के खोने से टीम का संतुलन बिगड़ा और उनके अटैक के ट्रांजीशन (Offensive Transitions) सीमित हो गए। रेड कार्ड से पहले भी टीम अच्छी क्वालिटी के मौके बनाने में संघर्ष कर रही थी। Romelu Lukaku को भी ज्यादा मौके नहीं मिले और टीम बॉल पजेशन को गोल में बदलने में नाकाम रही। गोलकीपर Thibaut Courtois ने हार से बचाने के लिए अपनी भूमिका निभाई, वरना यह हार टीम को टूर्नामेंट से लगभग बाहर कर देती।

अन्य फैक्टर

मैच का माहौल काफी गरमाया हुआ था, स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन और ईरानी राष्ट्रगान के दौरान दर्शकों की जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। दूसरी ओर, ईरानी टीम ने इस टूर्नामेंट के दौरान यात्रा और वीज़ा जैसी लॉजिस्टिकल चुनौतियों का सामना किया है। इन मुश्किलों के बावजूद, उनकी डिफेंसिव रणनीति बेल्जियम के अटैक को रोकने में कामयाब रही। अब ईरान को भी मिस्र के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना होगा ताकि उनके भी आगे बढ़ने की उम्मीदें बनी रहें।

आगे क्या?

ग्रुप को फॉलो करने वालों के लिए सबसे अहम चीज बेल्जियम और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला अगला मैच है। टीम के प्रदर्शन पर नजर रखने वाले यह देखेंगे कि क्या कोचिंग स्टाफ अपने खिलाड़ियों की लाइन-अप और टैक्टिक्स (Tactics) में बदलाव करके विरोधी टीम की डिफेंसिव मजबूती को तोड़ पाता है। इसके अलावा, Ngoy पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता भी आखिरी मैच के लिए टीम चयन का एक अहम फैक्टर होगी।

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