Zerodha Corporate Advisors को SEBI से कैटेगरी-I मर्चेंट बैंकर के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है। रिटेल ब्रोकरेज के बाहर अपने कारोबार को फैलाने के लिए यह कंपनी का एक बड़ा रणनीतिक कदम है।
अब IPO की कमान संभालेगा Zerodha
SEBI ने 1 सितंबर, 2026 को Zerodha Corporate Advisors को कैटेगरी-I मर्चेंट बैंकर के रूप में काम करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही कंपनी अब इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के सेक्टर में एंट्री करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस नई भूमिका के तहत, कंपनी IPO मैनेज करने, कैपिटल ट्रांजेक्शन पर सलाह देने और मार्केट डील्स में 'लीड मैनेजर' के तौर पर अपनी सेवाएं दे सकेगी।
इस लाइसेंस के लिए कंपनी ने अप्रैल 2026 में आवेदन किया था। हालांकि रेगुलेटरी मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अब कंपनी को अपनी ऑपरेशंस शुरू करने के लिए औपचारिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
कारोबार का दायरा क्यों बढ़ा रही कंपनी?
Zerodha एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। अपनी मुख्य कमाई, यानी रिटेल ब्रोकरेज कमीशन पर निर्भरता कम करने के लिए कंपनी यह कदम उठा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹7,464 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹4,283 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। लेकिन बदलते रेगुलेटरी ढांचे के कारण ब्रोकरेज बिजनेस पर दबाव बना हुआ है, जिसे देखते हुए अब वे कॉरपोरेट फंडरेजिंग जैसे नए रास्तों को तलाश रहे हैं।
Zerodha पहले से ही एसेट मैनेजमेंट, लेंडिंग सर्विसेज (Zerodha Capital) और इन्वेस्टमेंट व्हीकल (Rainmatter) के जरिए अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर चुकी है।
चुनौतियां और कॉम्पिटिशन
मर्चेंट बैंकिंग का सेक्टर पहले से ही दिग्गजों से भरा पड़ा है, जहां बड़ी देशी और विदेशी इन्वेस्टमेंट बैंक वर्षों से जमी हुई हैं। Zerodha के लिए अपना ट्रैक रिकॉर्ड बनाना और बड़ी कॉरपोरेट डील्स हासिल करना आसान नहीं होगा। साथ ही, यह बिजनेस पूरी तरह प्राइमरी मार्केट की सेहत पर निर्भर है, जो वैश्विक आर्थिक हालातों और बाजार की लिक्विडिटी के प्रति काफी संवेदनशील रहता है।
फिलहाल, मार्केट की नजरें कंपनी की औपचारिक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने और नई सर्विस के लॉन्चिंग टाइमलाइन पर टिकी हुई हैं।
