Zee Entertainment Share Price: SAT से मिली राहत, ₹3,143 करोड़ के इश्यू पर शेयर में आई 7% की तेजी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Zee Entertainment Share Price: SAT से मिली राहत, ₹3,143 करोड़ के इश्यू पर शेयर में आई 7% की तेजी

ZEEL के शेयरों में आज **7%** की बड़ी उछाल देखने को मिली है। यह तेजी सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) से मिली राहत के बाद आई है, जिसने SEBI के बाजार पहुंच पर लगे प्रतिबंध को फिलहाल रोक दिया है। इस फैसले से कंपनी को प्रमोटर एंटिटी को ₹3,143 करोड़ के प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू करने और म्यूचुअल फंड इस्तेमाल करने की इजाजत मिल गई है। हालांकि, प्रॉपर्टी गिरवी रखने और गवर्नेंस को लेकर रेगुलेटर के साथ विवाद अभी जारी है।

SAT के फैसले से मिली राहत

ZEEL के शेयर शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को 7% चढ़ गए। इसकी वजह सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) का अंतरिम फैसला रहा। ट्रिब्यूनल ने 31 जुलाई 2026 के SEBI के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें कंपनी को दो महीने के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से बाहर रखा गया था।

₹3,143 करोड़ के इश्यू पर तेजी

इस फैसले से कंपनी को बड़ी राहत मिली है और वह अपने अहम पूंजी जुटाने की योजना को आगे बढ़ा सकेगी। ZEEL अब प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Sunbright Mauritius Investments को ₹3,143 करोड़ के प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू कर सकेगी। साथ ही, ट्रिब्यूनल ने कंपनी को म्यूचुअल फंड यूनिट्स का इस्तेमाल डिविडेंड बांटने के लिए करने की भी इजाजत दी है, बशर्ते कि कंपनी रेगुलेटर द्वारा लगाया गया जुर्माना जमा कर दे।

क्या था SEBI का आदेश?

SEBI ने 31 जुलाई को एक आदेश जारी किया था, जिसमें CEO पुनीत गोयनका और पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा पर एक साल का बाजार पहुंच बैन भी लगाया गया था। रेगुलेटर ने आरोप लगाया था कि प्रमोटर्स से जुड़ी कंपनियों के लोन के लिए हैदराबाद की प्रॉपर्टी को गलत तरीके से गिरवी रखा गया था। SEBI ने कुल ₹1.48 करोड़ का जुर्माना लगाया था, जो कंपनी और उसके शीर्ष अधिकारियों पर अलग-अलग लगाया गया था।

आगे क्या?

हालांकि बाजार ने इस राहत का सकारात्मक स्वागत किया है, लेकिन यह एक अंतरिम फैसला है। प्रॉपर्टी गिरवी रखने और गवर्नेंस को लेकर चल रहा रेगुलेटरी विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। SAT के इस फैसले से कंपनी को अपने वारंट इश्यू को समय पर पूरा करने का मौका मिला है, लेकिन जांच के नतीजे शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे। यह प्रेफरेंशियल वारंट इश्यू कंपनी के लिए पूंजी जुटाने का एक अहम जरिया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.