अमेरिकी सांसदों ने वाणिज्य विभाग (Commerce Department) से तीन भारतीय कंपनियों—BellTroX, CyberRoot और Sunkissed Organic Farms—को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। इन पर साइबर जासूसी और अदालती कार्यवाही से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं।
अमेरिकी सांसदों की सख्त मांग
अमेरिकी सांसदों का एक द्विदलीय समूह इन तीन भारतीय कंपनियों को 'एंटिटी लिस्ट' (Entity List) में शामिल करने के लिए जोर दे रहा है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इन कंपनियों पर अमेरिकी टेक्नोलॉजी, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर तक पहुंच के लिए कड़े प्रतिबंध लग जाएंगे। इसका सीधा मतलब है कि ये कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने में भारी कठिनाई महसूस करेंगी।
गंभीर आरोप और साजिश
सीनेटर रॉन वायडेन, शेल्डन व्हाइटहाउस और कांग्रेसमैन पैट हैरीगन के नेतृत्व में इन कंपनियों पर डिजिटल आक्रामकता का आरोप लगाया गया है। सांसदों का तर्क है कि ये कंपनियां अमेरिकी अधिकारियों और सेना के लोगों को निशाना बनाकर कानूनी फैसलों को प्रभावित करती हैं। साथ ही, इन पर विदेशी अदालती आदेशों के जरिए पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की आवाज दबाने (सेंसरशिप) का भी आरोप है।
बाजार के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि BellTroX, CyberRoot और Sunkissed Organic Farms प्राइवेट कंपनियां हैं और ये NSE या BSE जैसे किसी भी प्रमुख शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं। इसलिए, भारतीय शेयर बाजार पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, साइबर सुरक्षा और इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही सख्ती भारतीय टेक सेक्टर के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
पुराने विवादों से नाता
इन कंपनियों का इतिहास भी विवादों से भरा रहा है। BellTroX का नाम पहले 'डार्क बेसिन' (Dark Basin) ऑपरेशन में आ चुका है, जो पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी से जुड़ा था। वहीं, Sunkissed Organic Farms (जिसे पहले Appin के नाम से जाना जाता था) पर 2022 के फीफा वर्ल्ड कप के दौरान प्रभावित करने वाले ऑपरेशंस (Influence Operations) में शामिल होने का शक जताया गया था।
