Tata Sons Restructuring: टाटा ग्रुप में घमासान! ट्रस्टी ने Noel Tata के प्लान का किया विरोध

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AuthorNeha Patil|Published at:
Tata Sons Restructuring: टाटा ग्रुप में घमासान! ट्रस्टी ने Noel Tata के प्लान का किया विरोध

Tata Sons की रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। चेयरमैन Noel Tata के दो कंपनियों को मर्जर करने के प्लान को ट्रस्टी Venu Srinivasan और Vijay Singh ने चुनौती दी है, जिससे कंपनी की लिस्टिंग और भविष्य की रणनीति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

टाटा ट्रस्ट्स के भीतर गवर्नेंस का मुद्दा अब खुलकर सामने आ गया है। चेयरमैन Noel Tata के उस प्रस्ताव को लेकर मतभेद तेज हो गए हैं, जिसमें Tata Electronics Systems Solutions (TESS) और Tata Consulting Engineers (TCE) का मर्जर Tata Sons के साथ करने की बात कही गई थी। 28 सितंबर 2026 को पेश किए गए इस प्लान का विरोध ट्रस्टी Vijay Singh और Venu Srinivasan ने किया है।\n\n### मर्जर का असली मकसद क्या है?\n\nइस विवाद के पीछे की मुख्य वजह Reserve Bank of India (RBI) के कड़े नियम हैं। Tata Sons फिलहाल एक 'अपर लेयर' NBFC है, जिसके चलते इसे शेयर बाजार में अनिवार्य रूप से लिस्ट होना है। इस मर्जर का मकसद कंपनी की रेवेन्यू कंपोजिशन बदलना है। ग्रुप चाहता है कि उसकी नॉन-फाइनेंशियल कमाई बढ़ जाए, ताकि वह NBFC के दायरे से बाहर निकल सके और पब्लिक लिस्टिंग से बच सके।\n\n### ट्रस्टियों की आपत्ति और गवर्नेंस\n\nट्रस्टी सिंह और श्रीनिवासन ने इस प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि यह रीस्ट्रक्चरिंग प्रस्ताव Sir Dorabji Tata Trust की सामूहिक सहमति या औपचारिक बैठक के बिना ही सीधे Tata Sons बोर्ड के पास भेज दिया गया। इसे वे गवर्नेंस के मानकों का उल्लंघन मान रहे हैं।\n\n### निवेशकों की चिंता और मार्केट पर असर\n\nनिवेशकों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। अगस्त 2026 के मध्य से अब तक टाटा ग्रुप के शेयरों से लगभग ₹2.7 लाख करोड़ का मार्केट कैप साफ हो चुका है। निवेशक इस उम्मीद में थे कि Tata Sons की लिस्टिंग से वैल्यू अनलॉकिंग होगी, लेकिन इस नए प्लान ने उस उम्मीद को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।\n\nइसके अलावा, RBI का रुख भी सख्त रहा है। नियामक ने पहले भी Tata Sons की NBFC रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की मांग को खारिज किया है, इसलिए इस मर्जर प्लान को रेगुलेटरी मंजूरी मिलना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बाजार की नजरें अब टाटा ट्रस्ट्स की अगली प्रतिक्रिया और बोर्ड के फैसलों पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.