Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने AI-बेस्ड बिजनेस कॉल्स के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब कंपनियों को अपनी कॉलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी देनी होगी और 10-डिजिट नंबर के बजाय आधिकारिक नंबर सीरीज का इस्तेमाल करना होगा, ताकि जरूरी कॉल्स को गलती से स्पैम न माना जाए।
क्या है नई व्यवस्था?
TRAI ने Telecom Commercial Communications Customer Preference Regulations (TCCCPR) में अहम बदलाव किए हैं। अब तक कई जरूरी और वैध बिजनेस कॉल्स स्पैम फिल्टर में फंसकर ब्लॉक हो जाती थीं, जिसे 'फॉल्स पॉजिटिव' कहा जाता है। अब कंपनियां अपने ऑटोमेटेड कॉलिंग सिस्टम को टेलीकॉम ऑपरेटर्स के साथ रजिस्टर करेंगी, जिससे उन कॉल्स को वाइटलिस्ट (Whitelist) किया जा सके। यह कदम स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने और ग्राहकों को परेशानी से बचाने के लिए उठाया गया है।
10-डिजिट नंबर पर कड़ी कार्रवाई
रेगुलेटर ने मार्केटिंग के लिए पर्सनल 10-डिजिट मोबाइल नंबरों के बेजा इस्तेमाल को पूरी तरह रोकने की चेतावनी दी है। कंपनियों को अब 140 और 160 से शुरू होने वाली विशेष नंबर सीरीज का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई कंपनी इसका उल्लंघन करती है, तो उस पर सख्त आर्थिक जुर्माना और रेगुलरिटी एक्शन लिया जा सकता है।
इंडस्ट्री पर असर
Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसे प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अब इन नए AI-बेस्ड डिटेक्शन सिस्टम को लागू करना होगा। वहीं, जो कंपनियां बिजनेस कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म चलाती हैं, उन्हें अपने क्लाइंट्स को इन प्रोटोकॉल के साथ जोड़ना होगा। निवेश की नजर से देखें तो, जो कंपनियां इस बदलाव को सबसे तेजी से अपनाएंगी, वही लंबे समय में बाजार में अपनी साख बचा पाएंगी। चूक होने पर न सिर्फ सर्विस बाधित होगी, बल्कि भारी रेवेन्यू का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
