Swiggy अपनी होलसेल लॉजिस्टिक्स यूनिट 'Lynk' को बेच रही है। यह सौदा लगभग **₹500 करोड़** में Udaan की पैरेंट कंपनी Trustroot के साथ हुआ है। इस डील के जरिए Swiggy अब अपने कोर बिजनेस यानी फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स पर पूरा फोकस करेगी।
बैलेंस शीट को हल्का करने की तैयारी
यह कदम कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिससे वह अपनी जटिल संरचना को सरल बना सके। Lynk Logistics जैसे कैपिटल-हैवी बिजनेस को छोड़कर Swiggy अब उन ऑपरेशंस से बाहर निकल रही है, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन पर भारी निवेश की जरूरत होती है। डेटा के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में इस यूनिट का Swiggy के कुल रेवेन्यू में 2.90% और नेट एसेट्स में 2.73% का योगदान था। अब कंपनी इन संसाधनों को Instamart जैसे अपने मुख्य क्षेत्रों में लगाने की योजना बना रही है।
क्या है डील का गणित?
यह एक 'ऑल-स्टॉक' ट्रांजेक्शन है। सौदे के तहत, Swiggy Networks को Trustroot में 166,534 प्रेफरेंस शेयर्स मिलेंगे, जिससे कंपनी को Trustroot में 2.8% की हिस्सेदारी मिलेगी। इसके अलावा, Swiggy ₹75 करोड़ का अतिरिक्त निवेश भी करेगी, जिससे उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3.2% हो जाएगी। कंपनी ने साफ किया है कि यह पूरी तरह से मार्केट रेट पर आधारित डील है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
यह प्रक्रिया अभी रेगुलेटरी अप्रूवल के दौर में है, जिसके 22 अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। एक बार डील पूरी होने के बाद, Lynk Logistics Swiggy ग्रुप का हिस्सा नहीं रहेगी। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या इस लीनर बिजनेस मॉडल से कंपनी के मार्जिन और कैश फ्लो में सुधार देखने को मिलता है।
