8 सितंबर, 2026 को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के चलते Sensex **555 अंक** गिरकर बंद हुआ, जबकि Nifty **23,635** के स्तर पर आ गया।
भारतीय शेयर बाजार में 8 सितंबर, 2026 को भारी बिकवाली का माहौल रहा। Nifty 50 इंडेक्स 144.05 अंक फिसलकर 23,635.10 पर बंद हुआ, वहीं Sensex में 555.23 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 75,577.58 के स्तर पर आ गया। यह लगातार दूसरा दिन है जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ है।\n\n### गिरावट के पीछे के मुख्य कारण:\n\nइस बिकवाली का बड़ा कारण बाहरी दबाव है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें $99 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे भारत के लिए इंपोर्ट बिल बढ़ने और महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दरों पर बनी अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा निकालना जारी रखा है।\n\nरुपये की चाल पर भी इसका असर दिख रहा है। भारतीय रुपया 28 पैसे कमजोर होकर 94.84 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है। मुद्रा के कमजोर होने से इंपोर्ट महंगा होता है, जो बैंकिंग, आईटी और ऑयल एंड गैस सेक्टर की कंपनियों के मुनाफे पर सीधा असर डाल रहा है।\n\n### बाजार में कुछ चमकते सितारे:\n\nबाजार की इस उदासी के बीच भी कुछ स्टॉक्स ने दम दिखाया। GE Vernova T&D का शेयर लगभग 9% उछल गया, क्योंकि कंपनी Power Grid Corporation of India के एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए सबसे निचली बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। वहीं, प्राइमरी मार्केट में Deepa Jewellers ने शानदार एंट्री ली और अपने इश्यू प्राइस से करीब 25% के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ।\n\nफिलहाल, निवेशकों की नजर Nifty 50 के 23,600 के सपोर्ट जोन पर है। बाजार की आगे की दिशा पूरी तरह से वैश्विक तेल कीमतों और भू-राजनीतिक स्थिरता पर निर्भर करेगी।
