शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। Sensex **343** अंक उछलकर **73,592** पर और Nifty **50** ने **22,729** के स्तर पर क्लोजिंग दी है। लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है।
बाजार की चाल और लार्ज-कैप का दम
शुक्रवार के सत्र में भारतीय बाजारों ने स्थिरता दिखाई है। Sensex 343.48 अंकों की बढ़त के साथ 73,592.87 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 ने 41.65 अंक जोड़कर 22,729.30 पर कारोबार समाप्त किया। इस तेजी की मुख्य वजह लार्ज-कैप कंपनियों में हुई चुनिंदा खरीदारी रही, जिसने मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट की सुस्ती के बावजूद इंडेक्स को संभाले रखा।
टेक्निकल लेवल और कंसोलिडेशन
टेक्निकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Nifty का 22,700 के स्तर को होल्ड करना यह बताता है कि इस लेवल पर खरीदार अभी भी सक्रिय हैं। हालांकि, मार्केट अभी कंसोलिडेशन (Consolidation) के दौर में है, जहां कीमतें एक सीमित दायरे में घूम रही हैं। ऐसे समय में निवेशक कोई भी बड़ा जोखिम लेने के बजाय अपनी पोजिशन को दोबारा रिव्यू करने पर जोर दे रहे हैं।
आगे क्या है ट्रिगर?
बाजार की दिशा अब पूरी तरह से आने वाले कॉर्पोरेट अर्निंग्स (Earnings) पर टिकी है। निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों में प्रॉफिट ग्रोथ और मार्जिन दबाव पर पैनी नजर रखेंगे। इसके अलावा, महंगाई और सेंट्रल बैंक की पॉलिसी जैसे मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा का भी बाजार के सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ेगा। फिलहाल, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की निरंतर भागीदारी विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली को बैलेंस कर रही है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बनी हुई है।
