ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय बाजारों में हड़कंप मच गया है। गुरुवार को Nifty **23,100** के स्तर के नीचे फिसल गया, जबकि Sensex में **1,200** अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन काफी भारी रहा। BSE Sensex 1,247.71 अंक लुढ़ककर 73,580.54 पर बंद हुआ, वहीं Nifty 50 ने 383.70 अंकों का गोता लगाकर 23,063.10 का स्तर छुआ। यह 8 जुलाई, 2026 के बाद की सबसे बड़ी इंट्रा-डे गिरावट है।
गिरावट की असली वजह
बाजार में आई इस सुनामी के पीछे मुख्य कारण ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रुपये पर दबाव डालती हैं और कॉर्पोरेट अर्निंग्स के लिए भी निगेटिव संकेत हैं। इसी डर से निवेशकों ने आज जमकर बिकवाली की।
किन सेक्टरों में मची तबाही?
सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर पड़ी। Bajaj Finance और HDFC Life जैसे दिग्गजों ने इंडेक्स को नीचे खींचने का काम किया। बिकवाली का आलम यह था कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी नहीं बच पाए; Nifty Midcap 100 में 2.25% और Smallcap 100 में 1.53% की गिरावट दर्ज की गई।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
फिलहाल Nifty 23,000 के अहम सपोर्ट लेवल पर खड़ा है। अगर बाजार इस लेवल को होल्ड नहीं कर पाता है, तो इंडेक्स 22,800 से 22,850 के अगले सपोर्ट जोन तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,200 पर इमीडिएट रेजिस्टेंस बना हुआ है। अब बाजार की नजरें पूरी तरह से ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल हालातों और कच्चे तेल के भाव पर टिकी हैं, जो शॉर्ट टर्म में दिशा तय करेंगे।
