भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को आठ दिनों की लगातार गिरावट पर लगाम लगा दी है। HDFC Bank में नए नेतृत्व के ऐलान और ग्लोबल स्तर पर बेहतर होते संकेतों के बीच बाजार में अच्छी रिकवरी दिखी है।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को जोरदार रिकवरी दर्ज की, जिससे पिछले आठ दिनों से जारी दबाव का सिलसिला आखिरकार टूट गया है। बाजार की इस तेजी के पीछे कंपनी-विशिष्ट खबरों के साथ-साथ ग्लोबल मैक्रो इंडिकेटर्स का बड़ा हाथ रहा है।
HDFC Bank में नेतृत्व परिवर्तन
बैंकिंग सेक्टर के लिए सबसे बड़ा बूस्ट HDFC Bank की तरफ से आया। बैंक ने आधिकारिक तौर पर अनुप बागची (Anup Bagchi) को नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने का ऐलान किया है, जो 27 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। चूंकि Sensex और Nifty में HDFC Bank का वेटेज बहुत ज्यादा है, इसलिए नेतृत्व में इस स्पष्टता ने निवेशकों का भरोसा वापस लाने का काम किया है।
ग्लोबल संकेत और मैक्रो फैक्टर्स
बाजार की इस रैली को ग्लोबल स्तर से भी काफी सपोर्ट मिला। अमेरिका के कमजोर लेबर डेटा के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी का डर कम हो गया है। इसके चलते US बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जो भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए एक पॉजिटिव सिग्नल है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में आई कमी ने भी मार्केट सेंटीमेंट को सुधारने में मदद की है।
अभी भी हैं चुनौतियां
बाजार की इस तेजी के बावजूद सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले कई सत्रों से Foreign Institutional Investors (FIIs) भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जो एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही, निवेशकों की नजरें अब Reserve Bank of India (RBI) की आगामी पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं। ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख मार्केट की अगली चाल तय करेगा। अब देखना यह है कि क्या बाजार की यह रिकवरी सस्टेनेबल है या ऊंचे स्तरों पर दोबारा बिकवाली का दबाव देखने को मिलेगा।
