16 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती देखी गई। हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली (Profit Booking) की, जिससे Nifty 50 के स्तर **23,000** के नीचे फिसल गए और इंडिया VIX में **3%** की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार का हाल और उतार-चढ़ाव
सुबह 9:34 बजे के करीब Sensex 240 अंक गिरकर 74,075 पर कारोबार कर रहा था, जबकि Nifty 54 अंक फिसलकर 22,943 के स्तर पर आ गया। इससे पहले बाजार ने शुरुआती बढ़त दिखाई थी, जहाँ Sensex ने 74,500 के आंकड़े को छुआ था और Nifty 23,050 के लेवल तक पहुंचा था। मार्केट ब्रेथ की बात करें तो 1,500 शेयर बढ़त के साथ और 1,400 से ज्यादा शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जो बाजार में पसरी दुविधा को दिखाता है।
वहीं, बाजार के डर का पैमाना कहे जाने वाले इंडिया VIX में 3% की तेजी आई है और यह 14.42 के स्तर पर पहुंच गया है। बढ़ती वोलैटिलिटी यह दर्शाती है कि निवेशक अब शॉर्ट-टर्म रिस्क को लेकर सतर्क हो गए हैं।
अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स
टेक्निकल चार्ट्स को देखें तो Nifty 50 के लिए 23,000 से 23,100 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है। इस लेवल पर निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। अब निवेशकों की नजरें सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं। Nifty के लिए 22,800 और Sensex के लिए 73,700 का लेवल काफी अहम है। यदि इंडेक्स इन स्तरों को नहीं बचा पाए, तो बाजार 22,500 से 23,100 के दायरे में कंसोलिडेट हो सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
जब बाजार में तेज रैली के बाद मुनाफा वसूली आती है, तो मुख्य चुनौती यह देखना होता है कि क्या सपोर्ट लेवल होल्ड कर पाएंगे या बिकवाली का दबाव और बढ़ेगा। अगर इंडेक्स इन जोन से नीचे गिरते हैं, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। फिलहाल, निवेशकों को बाजार के अगले रुख के लिए निचले स्तरों पर खरीदारी के रुझान पर नजर रखनी चाहिए।
