Sensex, Nifty: शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी, Institutional Buying से मिली मजबूती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sensex, Nifty: शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी, Institutional Buying से मिली मजबूती

22 अक्टूबर को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत हुई थी, लेकिन बाद में Sensex और Nifty ने रिकवरी दर्ज की। इस तेजी के पीछे विदेशी और घरेलू निवेशकों की जोरदार खरीदारी का बड़ा हाथ है।

22 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए कारोबार काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। बाजार ने 1% की बड़ी गैप-डाउन ओपनिंग की थी, लेकिन बाद में इसमें शानदार सुधार देखने को मिला। बाजार में आई इस रिकवरी का सबसे बड़ा कारण वैल्यू बाइंग (Value Buying) और बड़े संस्थागत निवेशकों का साथ रहा, जिसने बाजार के गिरते स्तर को थाम लिया।

संस्थागत निवेशकों का दिखा जोर

सुबह के सत्र में मार्केट को गिरने से बचाने में Institutional निवेशकों ने अहम भूमिका निभाई। डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,022 करोड़ की नेट खरीदारी की, जो पिछले तीन दिनों में दूसरी बार है। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा देते हुए ₹1,614 करोड़ के शेयर खरीदे। इस लिक्विडिटी के कारण बाजार का शुरुआती डर काफी हद तक कम हो गया।

वैल्यू बाइंग पर निवेशकों की नजर

बाजार में आई इस गिरावट को कई निवेशकों ने 'सस्ता सौदा' मानकर क्वालिटी स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल करने का मौका समझा। हालांकि सेंटिमेंट अभी भी सतर्क है, लेकिन वैल्यू-आधारित खरीदारी यह संकेत दे रही है कि निवेशक निचले स्तरों पर पैसा लगाने के लिए तैयार हैं।

Technical लेवल्स पर रखें नजर

तकनीकी जानकारों की मानें तो Nifty के लिए 22,560 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक इंडेक्स इस लेवल के ऊपर टिका है, बाजार का ढांचा स्थिर बना रह सकता है। हालांकि, यह रिकवरी फिलहाल 'ओवरसोल्ड' स्थिति के कारण आई है। आगे की चाल पूरी तरह से इस पर निर्भर करेगी कि क्या FIIs और DIIs की यह खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है या बाजार पर फिर से बिकवाली का दबाव हावी होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.