सोमवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बाजारों ने शुरुआती गिरावट से उबरकर वापसी की है। FIIs द्वारा दो महीने में की गई सबसे बड़ी खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की है, जबकि अब निवेशकों की नजरें Nifty के **22,500** के सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार को सेंटीमेंट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी में ₹4,240 करोड़ की नेट खरीदारी की है, जो पिछले दो महीनों में उनका सबसे बड़ा निवेश है। यह विदेशी निवेश घरेलू बिकवाली के सामने एक मजबूत ढाल बनकर उभरा। वहीं, दूसरी तरफ डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने ₹1,250 करोड़ के शेयर बेचे, लेकिन विदेशी फंड्स के इनफ्लो ने बेंचमार्क इंडेक्स को गिरने से बचा लिया। इस तेजी के दम पर Sensex दिन के निचले स्तर से 500 अंक तक रिकवर हुआ और Nifty वापस 22,650 के स्तर के करीब पहुंच गया।
बाजार की रेंज और सपोर्ट लेवल
टेक्निकल एनालिस्ट फिलहाल Nifty के कंसोलिडेशन फेज पर बारीक नजर बनाए हुए हैं। इंडेक्स अभी 22,370 से 22,830 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। इसमें 22,500 का स्तर एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट के तौर पर सामने आया है। यदि मार्केट इस स्तर को नहीं बचा पाता है, तो बाजार में और कमजोरी आ सकती है। वहीं, ऊपरी स्तर पर इंडेक्स को 22,800 के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेडर्स इन लेवल्स को लेकर काफी सतर्क हैं, क्योंकि बाजार फिलहाल काफी सेंसिटिव बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या इंडेक्स 22,500 के ऊपर अपनी बेस बनाने में कामयाब रहता है या रेजिस्टेंस जोन के पास फिर से बिकवाली हावी होती है।
