13 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई है। IT सेक्टर के बेहतर नतीजों ने बाजार को सहारा दिया है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और **5.54%** तक पहुंच चुकी महंगाई निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजार में गिरावट के बाद रिकवरी देखने को मिली। BSE Sensex 250 अंकों से ज्यादा उछला और NSE Nifty 22,440 के पार पहुंच गया। बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी ताकत IT सेक्टर बना है।
HCLTech का मिला सपोर्ट
IT शेयरों में आई खरीदारी मुख्य रूप से HCLTech के Q2 FY27 नतीजों के बाद दिखी। कंपनी के दमदार प्रदर्शन ने निवेशकों के भरोसे को वापस बहाल किया है, जिससे सोमवार के नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली।
महंगाई और क्रूड ऑयल का दबाव
बाजार भले ही हरे निशान में हो, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां बरकरार हैं। सितंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54% तक पहुंच गई है, जो अगस्त में 4.83% थी। यह बढ़ोतरी भविष्य में ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ा सकती है। वहीं, ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम $105-$106 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के इंपोर्ट बिल पर सीधा असर डालता है।
FII और DII के बीच खींचतान
बाजार में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। जहां 12 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹1,708 करोड़ के शेयर बेचे, वहीं घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹3,045 करोड़ की खरीदारी करके बाजार को गिरने से बचाया। यह एफआईआई की लगातार बिकवाली बड़े स्टॉक्स के लिए चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि कॉर्पोरेट अर्निंग्स, महंगाई और तेल की कीमतों के दबाव को कितना झेल पाती हैं। साथ ही, पश्चिम एशिया में तनाव पर भी नजर रखना जरूरी है।
