आज भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली है। सेंसेक्स **730** अंक गिरकर **73,170** पर आ गया है, जबकि निफ्टी **22,908** के स्तर तक लुढ़क गया है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर में कमजोरी के कारण निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली का माहौल रहा। BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी, दोनों प्रमुख इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स ने आज 730 अंकों का गोता लगाया और यह 73,170 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ते हुए 22,908.95 के स्तर पर आ गया है। बाजार में लंबे समय से चल रही स्थिरता के बाद अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
गिरावट का असर केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहा, लेकिन बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखी गई। इन सेक्टर्स का इंडेक्स में वेटेज काफी अधिक होता है, इसलिए इनके गिरने से पूरे बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ गया और इंडेक्स में भारी दबाव देखने को मिला।
बाजार में गिरावट के मायने
इस तरह की अचानक गिरावट अक्सर ग्लोबल संकेतों और डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल एक्टिविटी के कारण होती है। जब ट्रेडिंग सेशन के दौरान लिक्विडिटी कम होती है, तो बिकवाली के ऑर्डर बाजार को और तेजी से नीचे ले जाते हैं। रिटेल निवेशक अक्सर यह जानने की कोशिश करते हैं कि क्या FII (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) और DII (डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) बाजार में बिकवाली कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
अस्थिरता (Volatility) के दिन रिटेल निवेशकों के लिए घबराहट भरे हो सकते हैं। हालांकि, बाजार जब रिकॉर्ड ऊंचाई के पास होता है या ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता होती है, तो ऐसी करेक्शन आना सामान्य है। अनुभवी निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की रोज की उठापटक के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल्स और उनकी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर ध्यान दें। अब नजर इस पर है कि क्या बाजार अपने निचले स्तर से रिकवरी करता है या दबाव आने वाले दिनों में भी बना रहता है।
