भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex **876** अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि Nifty **50** ने **23,000** का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार में हाहाकार
सोमवार के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 876.37 अंक लुढ़क कर 73,852.90 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 ने भी 23,000 का बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल तोड़ दिया और यह 257.20 अंकों की गिरावट के साथ 22,888.95 पर बंद हुआ।
टेक्निकल एनालिसिस का असर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 23,000 का लेवल एक मनोवैज्ञानिक सपोर्ट की तरह काम कर रहा था। जैसे ही इंडेक्स इसके नीचे फिसला, कई ट्रेडर्स के ऑटोमेटेड स्टॉप-लॉस ट्रिगर हो गए, जिसने बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया। मार्केट में निचले स्तरों पर खरीदारी की कमी साफ दिख रही है, जिससे सेंटीमेंट फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
लंबी अवधि वाले निवेशक क्या करें?
बाजार में इस तरह की वोलेटिलिटी (Volatility) निवेश चक्र का एक सामान्य हिस्सा है। भले ही गिरावट बड़ी दिख रही है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह समय घबराने के बजाय फंडामेंटल्स पर नजर रखने का है। फिलहाल मार्केट पार्टिसिपेंट्स ग्लोबल संकेतों, कॉर्पोरेट अर्निंग्स और इकोनॉमिक ट्रेंड्स पर नजरें टिकाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इंडेक्स वापस 23,000 के ऊपर रिकवरी कर पाता है या बिकवाली का सिलसिला जारी रहता है।
