सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार पर भारी दबाव देखा गया। BSE Sensex **547 अंक** गिरकर **71,924** पर और NSE Nifty **157 अंक** फिसलकर **22,363** पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और FIIs की तरफ से लगातार बिकवाली मुख्य वजह रही।
सोमवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बाजारों में सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया। दिन भर चले उतार-चढ़ाव के बाद BSE Sensex 547.65 अंक टूटकर 71,924.68 के स्तर पर जा गिरा, जबकि NSE Nifty 50 में 157.10 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और यह 22,363.35 पर बंद हुआ। सेक्टोरल स्तर पर बिकवाली इतनी तेज थी कि सुबह की सारी तेजी हवा हो गई।
बाजार के दबाव की असली वजह
निवेशकों की चिंता का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल फैक्टर हैं। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें फिर से आसमान छू रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने का डर बना हुआ है। इसके अलावा, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड (US Bond Yields) बढ़ने से ग्लोबल मार्केट में हलचल है, जिसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं।
रुपये में दिखी मजबूती
शेयर बाजार में जारी गिरावट के बीच एक राहत की बात रही भारतीय मुद्रा। RBI (Reserve Bank of India) की ओर से उठाए गए हालिया कदमों के कारण भारतीय रुपये ने दिन के दौरान रिकवरी के संकेत दिखाए। सेंट्रल बैंक के ये उपाय ग्लोबल इकोनॉमी के झटकों से निपटने में मददगार साबित हो रहे हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
फिलहाल मार्केट में वोलेटिलिटी बनी रहने के आसार हैं। निवेशकों को ग्लोबल ट्रिगर्स पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। आगे चलकर घरेलू डिमांड और कॉर्पोरेट अर्निंग्स के नतीजे ही बाजार को सहारा दे सकते हैं। फिलहाल FII के डेटा, क्रूड ऑइल की चाल और RBI की कमेंट्री पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
