Sensex: भारतीय बाजार का नया कीर्तिमान, 80,000 के पार पहुँचा सेंसेक्स

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AuthorMehul Desai|Published at:
Sensex: भारतीय बाजार का नया कीर्तिमान, 80,000 के पार पहुँचा सेंसेक्स

6 नवंबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने एक नया इतिहास रच दिया है। अमेरिकी बाजार में Nasdaq के **5.5%** गिरने के बावजूद Sensex ने शानदार मजबूती दिखाई और **80,000** के ऐतिहासिक स्तर को छू लिया।

6 नवंबर, 2026 को भारतीय इक्विटी मार्केट ने एक अहम माइलस्टोन हासिल करते हुए 80,000 का जादुई आंकड़ा छू लिया। यह उपलब्धि तब मिली जब ग्लोबल मार्केट्स में हड़कंप मचा हुआ था और अमेरिकी Nasdaq इंडेक्स टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली के कारण 5.52% तक टूट गया था। हालांकि, भारतीय बाजारों ने वैश्विक दबाव को दरकिनार करते हुए असाधारण स्थिरता दिखाई, जो यह साबित करता है कि घरेलू मार्केट में लिक्विडिटी का स्तर काफी मजबूत है।

बैंक और IT का मिला सहारा

इस तेजी के पीछे मुख्य रूप से लार्ज-कैप बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों का हाथ रहा। फाइनेंशियल दिग्गजों और टेक कंपनियों में लगातार खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचाए रखा। आंकड़ों पर गौर करें तो इस दिन निवेशकों की रणनीति में साफ अंतर दिखा: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार में ₹14,974 करोड़ का निवेश किया, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने मुनाफावसूली करते हुए ₹10,444 करोड़ के शेयर बेचे।

सतर्क रहने की जरूरत क्यों है?

भले ही सेंसेक्स नए शिखर पर है, लेकिन यह तेजी हर सेगमेंट में नहीं दिख रही है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर दबाव बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि निवेशक अब काफी सिलेक्टिव हो गए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे इंडेक्स ऊपर जा रहा है, लार्ज-कैप और छोटी कंपनियों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है।

अब सबकी नजरें अमेरिकी 'नॉन-फार्म पेरोल' डेटा पर टिकी हैं। यह डेटा तय करेगा कि आगे फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दरों को लेकर क्या रुख रहता है। निवेशकों को सलाह है कि वे ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति और रुपये की चाल पर बारीकी से नजर रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.