Sebi के निर्देश पर NSE में गवर्नेंस को मिलेगी मजबूती
Sebi ने साफ कर दिया है कि एक्सचेंज के बड़े आईपीओ (IPO) से पहले, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को अपने गवर्नेंस (Governance) और कम्प्लायंस (Compliance) ढांचे को और अधिक मज़बूत करना होगा। इसी कड़ी में, NSE दो नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स (EDs) को नियुक्त करेगा।
कौन होंगे नए चेहरे और क्या होगी ज़िम्मेदारी?
वायरल मोदी (Viral Mody) को क्रिटिकल ऑपरेशन्स (Critical Operations) का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है। मोदी, जिनके पास NSE में दो दशक से अधिक का अनुभव है और वे पूर्व में एक्सचेंज के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) रह चुके हैं, अब एक्सचेंज के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वहीं, संजय शोरी (Sanjay Shorey) रेगुलेटरी, कम्प्लायंस, रिस्क मैनेजमेंट और इन्वेस्टर ग्रीवांसेस (Regulatory, Compliance, Risk Management, and Investor Grievances) जैसे महत्वपूर्ण विभागों के नए ED होंगे। शोरी को मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (Ministry of Corporate Affairs) से रेगुलेटरी मामलों का अनुभव प्राप्त है।
IPO से पहले मज़बूत गवर्नेंस की ज़रूरत
Sebi की यह पहल भारतीय मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) में प्रोफेशनल लीडरशिप को बढ़ावा देने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। नियामक चाहता है कि ऐसे महत्वपूर्ण संस्थानों में प्रमुख कार्यों के लिए समर्पित बोर्ड ओवरसाइट (Board Oversight) हो। NSE अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जून 2026 के मध्य तक फाइल करने की योजना बना रहा है, और एक्सचेंज का वैल्यूएशन ₹4 ट्रिलियन से ₹6 ट्रिलियन के बीच आंका जा रहा है।
नियामक दबाव और भविष्य की राह
यह गवर्नेंस को मज़बूत करने का दबाव केवल NSE पर ही नहीं है। प्रतिस्पर्धी एक्सचेंज BSE लिमिटेड (BSE Limited) भी अपने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पदों के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर रहा है और उन्हें Sebi की मंजूरी के लिए भेज चुका है। नियामक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ये प्रमुख संस्थाएं न केवल लाभ पर ध्यान दें, बल्कि सार्वजनिक हित को भी सर्वोपरि रखें।
NSE ने मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में ₹2,871 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट (Consolidated Profit) और ₹4,077 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया है, जो उनकी मजबूत ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, को-लोकेशन स्कैम (Co-location scam) जैसे पुराने गवर्नेंस मुद्दे अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह नया नेतृत्व संस्कृति में स्थायी बदलाव ला पाएगा। NSE के अनलिस्टेड शेयर्स 6 मई 2026 को लगभग ₹2,045 पर ट्रेड कर रहे थे। NSE का IPO 2026 की दूसरी छमाही में आने की उम्मीद है।
