SEBI का Google को बड़ा निर्देश: AI से पकड़ें गलत सलाह देने वाले Finfluencers, ऐप सुरक्षा भी ज़रूरी!

SEBIEXCHANGE
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
SEBI का Google को बड़ा निर्देश: AI से पकड़ें गलत सलाह देने वाले Finfluencers, ऐप सुरक्षा भी ज़रूरी!
Overview

भारत के मार्केट रेगुलेटर SEBI ने Google को अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कहा है, ताकि **फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स** (Finfluencers) द्वारा रेगुलेशन तोड़ने वाले कंटेंट पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने बताया कि इस पहल का मकसद ऑनलाइन गलत वित्तीय सलाह के खिलाफ एक्शन लेना है। साथ ही, Google के साथ मिलकर Play Store पर SEBI-रजिस्टर्ड इंटरमीडियरी ऐप्स के लिए 'वेरिफाइड टिक' (verified tick) का फीचर लाया जाएगा, जिससे फ्रॉड ऐप्स से निवेशकों को बचाया जा सके।

Finfluencers पर AI का पहरा

SEBI, Google पर अपनी AI सर्विलांस टूल्स को बेहतर बनाने का दबाव बना रहा है, जो डिजिटल वित्तीय सलाह को रेगुलेट करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रेगुलेटर का लक्ष्य उन इन्फ्लुएंसर्स को सक्रिय रूप से पहचानना और दंडित करना है जो नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने वाला कंटेंट फैलाते हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ज़्यादा लोग डिजिटल तरीके से मार्केट्स तक पहुँच रहे हैं, जिससे फ्रॉड और गलत सूचना का जोखिम बढ़ रहा है। Alphabet Inc. (GOOGL), जिसकी मार्केट कैप लगभग $2.5 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो करीब 35x है, को ऑनलाइन कंटेंट के बड़े वॉल्यूम का विश्लेषण करने के लिए अधिक परिष्कृत AI विकसित करने का काम सौंपा गया है। इसका उद्देश्य निवेशकों को संभावित रूप से हानिकारक सलाह से बचाना है। यह SEBI की प्रवर्तन (enforcement) में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने की योजना को दर्शाता है, जिसमें बिग टेक प्लेटफॉर्म से मार्केट इंटीग्रिटी की जिम्मेदारी साझा करने के लिए कहा गया है।

फ्रॉड ऐप्स से निपटेगा 'वेरिफाइड टिक'

Google के साथ एक वेरिफाइड ऐप लेबलिंग पहल (verified app labeling initiative) का उद्देश्य निवेशकों, खासकर नए लोगों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाना है। SEBI-रजिस्टर्ड संस्थाओं के ऐप्स को अब Google Play Store पर एक वेरिफिकेशन टिक मार्क मिलेगा, जो 600 से ज़्यादा ऐसे ऐप्स पर पहले से ही लागू है। यह नकली वित्तीय ऐप्स की बढ़ती समस्या से निपटने में मदद करेगा जो वैध सेवाओं की नकल करते हैं, जल्दी रिटर्न का लालच देकर उपयोगकर्ताओं को ठगते हैं और भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाते हैं।

AI निगरानी की चुनौतियाँ और जोखिम

हालांकि, AI-संचालित निगरानी की प्रभावशीलता और मापनीयता (scalability) पर महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं। गलत पॉजिटिव (false positives) का जोखिम है, जहां वैध कंटेंट को फ्लैग किया जा सकता है, या गलत नेगेटिव (false negatives) का, जिससे हानिकारक कंटेंट बना रहता है। Alphabet के लिए, भारतीय फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर निगरानी के लिए AI को बढ़ाने की मांग इसके वैश्विक नियामक अनुपालन (regulatory compliance) में जटिलता जोड़ती है। Google का विशाल इकोसिस्टम, जिसमें YouTube और इसका ऐप स्टोर शामिल है, व्यापक, स्थानीयकृत AI प्रवर्तन को एक बड़ी तकनीकी और वित्तीय चुनौती बनाता है। इसके अलावा, Google का सत्यापन SEBI की रजिस्ट्री की सटीकता पर निर्भर करता है। कंटेंट मुद्दों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ अतीत की कार्रवाइयां, निगरानी में विफलता पर जुर्माना या परिचालन सीमाओं की संभावना को उजागर करती हैं। बढ़ते मुकदमेबाजी (litigation) और इन AI टूल्स को विकसित करने और बनाए रखने की निरंतर लागत लाभप्रदता और संचालन के लिए एक लगातार जोखिम पैदा करती है।

भविष्य की राह

SEBI-Google साझेदारी भारतीय नियामकों के लिए निवेशक सुरक्षा के लिए टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की एक रणनीतिक दिशा का संकेत देती है। SEBI अपने एंटी-साइबर फ्रॉड फ्रेमवर्क को और मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ समझौता ज्ञापन (MoUs) की भी तलाश कर रहा है। विश्लेषकों का सुझाव है कि बिग टेक फर्में अनुपालन के लिए AI में अधिक निवेश कर रही हैं, लेकिन ऑनलाइन धोखाधड़ी और इन्फ्लुएंसर रणनीति की बदलती प्रकृति के लिए निरंतर अनुकूलन की मांग होगी। यह सहयोग डिजिटल मार्केट की निगरानी में सुधार करने वाले अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है, जिससे उनके प्लेटफार्मों पर वित्तीय जोखिमों के प्रबंधन में टेक दिग्गजों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.